Home
Class 14
HINDI
हम पंछी उन्मुक्त गगन के, पिंजरबद्ध न गा ...

हम पंछी उन्मुक्त गगन के, पिंजरबद्ध न गा पाएँगे, .
कनक-तीलियों से टकराकर . पुलकित पंख टूट जाएँगे।
स्वर्ण-शृंखला के बंधन में
अपनी गति, उड़ान सब भूले.
बस सपनों में देख रहे हैं
तरु की फुनगी पर के झूले ।
हम बहता जल पीने वाले
मर जाएँगे भूखे-प्यासे, कहीं भलो है कटुक निबौरी
कनक कटोरी को मैदा से ।
'कहीं भली है कटुक निवौरी, कनक कटोरी को मैदा से' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

A

यमक

B

अनुप्रास

C

सन्देह

D

श्लेष

लिखित उत्तर

Verified by Experts

Promotional Banner