Home
Class 14
HINDI
जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल ज...

जब नहीं था
इंसान
धरती पर थे जंगल
जंगली जानवर, परिंदे
इन्हीं सबके बीच उतरा
इन्सान
और घटने लगे जंगल
जंगली जानवर, परिंदे
इन्सान
बढ़ने लगा बेतहाशा
अब कहाँ जाते जंगल,
जंगली जानवर, परिंदे
प्रकृति किसी के साथ
नहीं करती जाइन्साफी
सभी के लिए बनाती है जगह
सो अब
इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं
जंगल, जंगली जानवर
और परिंदे
'अब कहाँ जाते जंगल' का भाव है कि

A

अब जंगल कहीं जाने लायक नहीं रहे

B

जब जंगल खूब बढ़ने लगे

C

अब जंगल समाप्त होने लगे

D

अब जंगलों में परिंदे नहीं रहते

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
C
Promotional Banner

Topper's Solved these Questions

  • हिन्दी NCF-2005 (SHORT NOTES)

    CTET MASTER|Exercise अभ्यास प्रश्न |5 Videos

Similar Questions

Explore conceptually related problems

जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती जाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे 'जंगल' का पर्यायवाची नहीं हैं

जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती जाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे 'इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा' का भाव है

निर्देश: कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती नाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे- 'जंगल' का पर्यायवाची नहीं है-

जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती जाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे धरती पर इन्सान के आने के बाद क्या हुआ?

जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती जाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे प्रकृति किसके प्रति नाइंसाफी नहीं करती?

जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती जाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे कविता के अंत में क्या व्यंग्य किया गया है?

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती नाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे कविता के अंत में क्या व्यंग्य किया गया है?

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सबके बीच उतरा इन्सान और घटने लगे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा अब कहाँ जाते जंगल, जंगली जानवर, परिंदे प्रकृति किसी के साथ नहीं करती नाइन्साफी सभी के लिए बनाती है जगह सो अब इन्सनों के भीतर उतरने लगे हैं जंगल, जंगली जानवर और परिंदे प्रकृति किसके प्रति नाइंसाफी नहीं करती?

CTET MASTER-हिन्दी भाषा और शिक्षाशास्त्र -बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सब...

    Text Solution

    |

  2. जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सब...

    Text Solution

    |

  3. जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सब...

    Text Solution

    |

  4. जब नहीं था इंसान धरती पर थे जंगल जंगली जानवर, परिंदे इन्हीं सब...

    Text Solution

    |

  5. निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चय...

    Text Solution

    |

  6. निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चय...

    Text Solution

    |

  7. निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चय...

    Text Solution

    |

  8. निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चय...

    Text Solution

    |

  9. एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला ह...

    Text Solution

    |

  10. एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला ह...

    Text Solution

    |

  11. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  12. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  13. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  14. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  15. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  16. चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचा...

    Text Solution

    |

  17. चमकीली है सुबह आज की आसमान में निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी बे...

    Text Solution

    |

  18. चमकीली है सुबह आज की आसमान में निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी बे...

    Text Solution

    |

  19. चमकीली है सुबह आज की आसमान में निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी बे...

    Text Solution

    |

  20. चमकीली है सुबह आज की आसमान में निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी बे...

    Text Solution

    |