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Class 14
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न अवरोध कोई, न बाधा कहीं हैं. न संदेह...

न अवरोध कोई, न बाधा कहीं हैं.
न संदेह कोई, न व्यवधान कोई
बहुत दूर से हैं दिशाएँ बुलाती
नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई
दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं दिगंतर खुला सिर्फ मेरे लिए है
नहीं कुछ यहां राह जो रोक पाए
न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए
अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ
विजय गीत मेरा गगन मस्त गाए
हृदय में कहीं कह रहा बात कोई, धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है।
अर्थ की दृष्टि से शेष से भिन्न शब्द छाँटिए।

A

राह

B

डगर

C

धरा

D

पथ

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The correct Answer is:
C
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Topper's Solved these Questions

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