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विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभ...

विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सदा ऐसे लोगों का वास रहता है, जो अमर हैं। वे उसके प्रति सहानुभूति प्रकट करने और उसे समझाने के लिए सदा प्रस्तुत रहते हैं। कवि, दार्शनिक और विद्वान् जिन्होंने प्रकृति के रहस्यों का उद्घाटन किया है और बड़े-बड़े महात्मा, जिन्होंने आत्मा के गूढ़ रहस्यों की थाह लगा ली है, सदा उसकी बातें सुनने और उसकी । 'शंकाओं का समाधान करने के लिए उद्यत रहते हैं।
बिना किसी उद्देश्य के सरसरी तौर पर पुस्तकों के पन्ने उलटते जाना अध्ययन नहीं है। लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक पूर्णरूप से हृदय से ग्रहण करने का नाम अध्ययन है। प्रत्येक स्त्री-पुरुष को अपने पढ़ने का उद्देश्य स्थित कर लेना चाहिए। इसके लिए सबसे मुख्य बात यह है कि पढ़ना नियमपूर्वक हो अर्थात् इसके लिए नित्य का समय उपयुक्त होता है।
(अध्ययन - निबंध, रामचंद्र शुक्ल)
विद्याभ्यासी पुरुष के पास किसका वास रहता है?

A

संबंधियों का

B

पुस्तकों का

C

गुरुजनों का

D

इनमें से कोई नहीं

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The correct Answer is:
B
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CTET MASTER-हिन्दी भाषा और शिक्षाशास्त्र -बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  2. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  3. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  4. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  5. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  6. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  7. विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी मैं सद...

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  8. राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय र अभिमान की अ...

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  15. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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  16. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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  17. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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  18. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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  19. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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  20. यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो ब...

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