किशोरावस्था में संवेगों की तीव्रता किस प्रकार प्रकट होती
A
प्रतिकूल पारिवारिक सम्बन्ध
B
व्यवसाय की समस्या
C
नई परिस्थिति के साथ समायोजन
D
उपरोक्त सभी
लिखित उत्तर
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The correct Answer is:
D
किशोरावस्था में सांवेगिक तनाव अपनी चरम सीमा पर होता है क्योंकि इस अवस्था में बालकों में तीव्र शारीरिक तथा ग्रंथीय परिवर्तन विशेषतः यौन ग्रंथि तथा पीयूष ग्रन्थि के का में परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण किशोरावस्था में सांवेगिक तीव्रता अधिक होती है, जिससे किशोरों में प्रतिकूल पारिवारिक सम्बन्ध व्यवसाय की समस्या, नई परिस्थिति के साथ समायोजन आदि में समस्याएँ होती है।