Home
Class 14
HINDI
मूक होइ बाचाल पंगु चढ़इ गिरिबर गहन। जासु...

मूक होइ बाचाल पंगु चढ़इ गिरिबर गहन। जासु कृपाँ से दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन। प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छन्द है?

A

सोरठा

B

चौपाई

C

दोहा

D

बरवै

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

यह (सोरठा) अर्द्धसममात्रिक छंद है | यह दोहा उल्टा होता है, प्रथम व तृतीय चरण में 11 - 11 मात्राएँ द्वितीय व चतर्थ चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं।
जैसे- मूक होइ बाचाल पगु चढ़इ गिरिबर, गहन |
जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ कलि मल दहला |
Promotional Banner