शब्दों को क्रमानुसार व्यवस्थित करके सही विकल्प चुनिए
(1) व्यक्ति की
(2) सुख-दुख का अहसास
(3) निर्भर करता है
(4) मनः स्थिति पर
शब्दों को क्रमानुसार व्यवस्थित करके सही विकल्प चुनिए
(1) व्यक्ति की
(2) सुख-दुख का अहसास
(3) निर्भर करता है
(4) मनः स्थिति पर
(1) व्यक्ति की
(2) सुख-दुख का अहसास
(3) निर्भर करता है
(4) मनः स्थिति पर
A
1,2,3,4
B
2,1,4,3
C
2,3,4,1
D
2,4,1,3
Text Solution
Verified by Experts
Similar Questions
Explore conceptually related problems
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। आत्मसम्मानी व्यक्ति क्या पसंद करता है
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। निश्छल ह्दय होने से स्वाभिमानी व्यक्ति को क्या लाभ होता है
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। आत्मसम्मानी व्यक्ति की रूचि होती है
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक बताइये।
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। आत्मसम्मान में कौन सी भावना निहित होती है?
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मानव जीवन में आत्मसम्मान का अत्यधिक महत्व है। आत्मसम्मान में अपने व्यक्तित्व को अधिकाधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित बनाने की भावना निहित होती है। इससे शक्ति, साहस, उत्साह आदि गुणों का जन्म होता है जो जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आत्मसमान की भावना से पूर्ण व्यक्ति संघर्षों की परवाह नहीं करता है और हर विषम परिस्थिति से टक्कर लेता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में पराजय का मुंह नहीं देखते तथा निरन्तर यश की प्राप्ति करते हैं। आत्मसम्मानी व्यक्ति धर्म, सत्य, न्याय और नीति के पथ का अनुगमन करता है उसके जीवन में ही सच्चे सुख और शांति का निवास होता है। परोपकार, जनसेवा जैसे कार्यों में उसकी रूचि होती है। लोकप्रियता और सामाजिक प्रतिष्ठा उसे सहज ही प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति में अपने राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा होती है तथा मातृभूमि की उन्नति के लिए वह अपने प्राणों को उत्सर्ग करने में सुख की अनुभूति करता है। चूंकि आत्मसम्मानी व्यक्ति अपने अथवा दूसरों की आत्मा का हनन नहीं करता है, इसीलिए वह ईर्ष्या-द्वेष जैसी भावनाओं से मुक्त होकर मानव मात्र को अपने परिवार का अंग मानता है। उसके हृदय में स्वार्थ, लोभ और अहंकार का भाव नहीं होता। निश्छल हृदय होने के कारण वह आसुरी प्रवृत्तियों से सर्वथा मुक्त होता है। मानव जीवन में आत्मसम्मान महत्वपूर्ण है क्योंकि
Recommended Questions
- शब्दों को क्रमानुसार व्यवस्थित करके सही विकल्प चुनिए (1) व्यक्ति की...
Text Solution
|
- किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक 0.3xx10^(-4)" ...
Text Solution
|
- यदि f'(x)=(1)/(x)+x^(2) और f(1)=(4)/(3), तो f(x) का मान ज्ञात कीजिए ।
Text Solution
|
- (dy)/(dx)=1+x+y+xy" का हल है "
Text Solution
|
- sin^(-1)((2x)/(1+x^(2)))" का "cos^(-1)((1-x^(2))/(1+x^(2))) के सापेक्ष...
Text Solution
|
- यदि P(A)=(3)/(8),P(B)=(1)/(2),P(AcapB)=(1)/(4)," तो "P(A//B)=
Text Solution
|
- tan^(-1)""(1)/(2)+tan^(-1)""(1)/(4)=....
Text Solution
|
- यदि y= log cos x^(2)," तो "(dy)/(dx)" पर "x=0 का मान है
Text Solution
|
- सिद्ध करे की (1-cos^(4)beta)/(sin^(4)beta)=2 cosec^(2)beta -1
Text Solution
|