Home
Class 10
HINDI
शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फिल्म ...

शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फिल्म में झलकती है कैसे ? स्पष्ट कीजिए।

Text Solution

Verified by Experts

शैलेंद्र गम्भीर, संवेदनशील, उदार स्वभाव, शान्त जीवन जीने वाले तथा नाम और दाम से दूर रहने वाले कवि-हृदय व्यक्ति थे। उन्होंने निजी जीवन के विचारों को अपने फिल्मी कैरियर में भी लागू किया। उन्हें साहित्य की गहरी समझ थी। वे उच्च मानवीय मूल्यों का दिल से सम्मान करते थे। यदि वह कोई मसालेदार फिल्म बनाते तो बहुत पैसा कमा सकते थे, लेकिन .तीसरी कसम. फिल्म बनाते समय उन्होंने कवि-हृदय और साहित्यिक संस्कारों का ध्यान रखा।
Promotional Banner