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Class 9
BIOLOGY
हमारे शरीर का pH रहता है-...

हमारे शरीर का pH रहता है-

लिखित उत्तर

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तीव्र रोगों की अवधि कम होती है, परन्तु दीर्घकालिक रोग लम्बी अवधि तक या जीवनपर्यन्त रहते हैं। तीव्र तथा दीर्घकालिक रोगों के हमारे स्वास्थ्य पर भिन्न-भिन्न प्रभाव होते हैं। कोई भी रोग, जो हमारे शरीर के किसी भी भाग के कार्य को प्रभावित करता है, तो वह हमारे सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, क्योंकि सामान्य स्वास्थ्य के लिए शरीर के सभी अंगों का समुचित कार्य करना आवश्यक है। लेकिन तीव्र रोग, जो बहुत कम समय तक रहता है, उसे सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित करने का समय नहीं मिलता। लेकिन दीर्घकालिक रोग हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित, कर सकता है।
(i) तीन/प्रचंड रोगों का प्रभाव-इन रोगों की अवधि कम होती है, जैसे-खाँसी-जुकाम कुछ समय बाद स्वतः ही ठीक हो जाता है। अतः ये रोग जो अधिक समय तक नहीं रहते इनका कुप्रभाव हमारे सामान्य स्वास्थ्य पर नहीं पड़ता। खाँसी-जुकाम के कारण हमारे शरीर के वजन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, हमारी सांस भी नहीं फूलती तथा हम सदैव थकान भी महसूस नहीं करते। इस रोग के कारण विद्यालय भी कुछ दिनों के लिए ही नहीं जाते जिससे अध्ययन कार्य में अधिक बाधा नहीं होती है।
(ii) दीर्घकालिक रोगों का प्रभाव-यह रोग शरीर में लम्बी अवधि तक अथवा जीवनपर्यन्त रहते हैं। इस कारण ये हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। जैसे यदि फेफड़े क्षय रोग से संक्रमित हो जाएँ तो कई वर्षों तक बीमार होने के कारण वजन कम हो जाता है और हर समय थकान महसूस करते हैं। इस रोग से पीड़ित होने पर हमें लम्बे समय तक के लिए विद्यालय छोड़ना पड़ सकता है। इससे हमारी स्कूल की पढ़ाई बाधित होगी। इससे स्कूल में पढ़ाई को समझने में कठिनाई होगी। इससे हमारे सीखने की क्षमता कम हो जाएगी। इसलिए दीर्घकालिक रोग तीव्र रोग की अपेक्षा लोगों के स्वास्थ्य पर लम्बे समय तक विपरीत प्रभाव बनाए रखते हैं।
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