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वसन्त से ग्रीष्म तक खोजी मधुमक्खियाँ मधु...

वसन्त से ग्रीष्म तक खोजी मधुमक्खियाँ मधुरस, पराग और जल के सम्भावित स्रोतों को चारों ओर ढूँढती रहती हैं। मधुरस के स्रोतों की ओर खोजी मक्खी दृश्य और गन्ध दोनों से आकृष्ट होती हैं। इन दोनों में भी गन्ध का सबसे अधिक बाध्यकारी प्रभाव होता है। गन्ध की सहायता से किसी सम्भावित क्षेत्र की ओर आकृष्ट हो जाने के बाद भी वहाँ पहुँचने का अन्तिम निर्णय फूलों के आकार और रंग पर निर्भर करता है। फूलों की बहुत-सी प्रजातियों की पंखुड़ियों पर गन्ध के मार्गदर्शक होते हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान एक फ्रांसीसी मधुमक्खी पालक ने अपने सन्देश ले जाने के लिए मधुमक्खियों का उपयोग किया था। सन्देश पर्ची मक्खी के वक्ष के ठीक नीचे संलग्न होती थी, अन्यथा मक्खी का सन्तुलन बिगड़ जाता और वह उड़ नहीं पाती।
सन्देशवाहक के रूप में मधुमक्खियों का उपयोग करने पर सन्देश पर्ची ...................

A

कभी गन्तव्य तक नहीं पहुँचती थी

B

इसके सिर पर जोड़ी जाती थी

C

गिर जाया करती थी

D

छाती से संलग्न होती थी

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
D

सन्देशवाहक के रूप में मधुमक्खियों का उपयोग करने पर सन्देश पर्ची को छाती से संलग्न करते हैं।
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