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Class 7
CHEMISTRY
रेशम के कीट के जीवनचक्र के बारे में लिखि...

रेशम के कीट के जीवनचक्र के बारे में लिखिए।

लिखित उत्तर

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रेशम कीट का जीवनचक्र-रेशम प्राप्त करने के लिए रेशम के कीटों को पालना .रेशम कीट पालन (सेरीकल्चर). कहलाता है। मादा रेशम कीट अंडे देती है, जिनसे लार्वा निकलते हैं, जो कैटरपिलर/इल्ली या रेशम कीट कहलाते हैं। ये आकार में वृद्धि करते हैं और जब कैटरपिलर अपने जीवन-चक्र की अगली अवस्था में प्रवेश करने के लिए तैयार होता है, तो यह प्यूपा/कोशित कहलाता है, जो अपने इर्द-गिर्द एक जाल बुन लेता है। यह जाल उसे अपने स्थान में बने रहने में सहायता करता है। फिर यह अंग्रेजी संख्या आठ (8) के रूप में अपने सिर को एक सिरे से दूसरे सिरे तक ले जाता है। सिर की इस गति के समय कैटरपिलर पतले तार के रूप में प्रोटीन | से बना एक पदार्थ स्लावित करता है जो कठोर होकर (सूखकर) रेशम का रेशा बन जाता है। जल्दी ही कैटरपिलर स्वयं को पूरी तरह से रेशम के रेशों से ढक लेता है। यह आवरण कोकून कहलाता है। कीट का इसके आगे का विकास कोकून के भीतर होता है । कोकून से प्राप्त रेशों से रेशम का धागा तैयार किया जाता है।
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