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Class 6
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जब फ़ास्ट फ़ूड खाने की बात हो, तो बच्चे लल...

जब फ़ास्ट फ़ूड खाने की बात हो, तो बच्चे ललचाते है | इसे बनाने में कम समय लगता है और बाजारों में भी यह सरलता से मिल जाता है बच्चे फल, सूप या अंकुरित वस्तुएँ खाने के बदले फास्ट फ़ूड खाना पसंद करते है | नुडल, बर्गर और पिज्जा की बड़ी माँग है | यधपि से बनाने में बड़े आसान है, फिर भी ये हमारे लिए हानिकारक है | इनमे हमारे शारीर के लिए अच्छी पोषण उपयोगित नही होती | बहुत से शोधकर्ताओं ने सिध्द किया है कि इन खाध पदार्थो का उपयोग स्वास्थ्य के लिए अच्छा नही है | इन्ही तेल में तलकर पकाया जाता है, जो स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है | इससे हम मोटे हो सकते है | मोटापे से मधुमेह और उच्च रक्तचाप हो सकते है | जो बच्चे अधिक फास्ट फ़ूड खाते है, उन्हें जीवनशैली से जुडी बीमारियाँ हो सकती है: जैसे-मधुमेह और उच्च रक्तचाप | उनका विकास उन बच्चो की अपेक्षा अधिक प्रभावित होगा, जो पौष्टिक भोजन करते है | लोग पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण कर रहे है और घर पर बने खाने के स्थान पर फ़ास्ट फ़ूड को वरीयता दे रहे है | यह पश्चिमी सभ्यता को अपनाने के गम्भीर दुष्प्रभावो में से एक है |
Q. फास्ट फ़ूड से हो सकता/सकती है

A

अनिद्रा

B

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ

C

जेब पर भार

D

सामाजिक स्तर में हानि

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

अनुच्छेद में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जो बच्चे अधिक फास्ट फूट खाते हैं, उन्हें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं। अतः विकल्प (2) सही है।
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