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Class 14
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निर्देश (प्र.सं. 41-45) निम्नलिखित गद्या...

निर्देश (प्र.सं. 41-45) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए
"किसी को देखने के लिए आँख की नहीं, दृष्टि की आवश्यकता होती है" स्वामी विवेकानन्द का यह कथन इस महिला के जीवन का दर्शन बन गया है। इसी जीवन दर्शन के सहारे उन्होंने एक ओर कठिनाइयों का सामना किया, तो दूसरी ओर सफलता का मार्ग ढूँढा और उस पर निर्भयता से बढ़ चली। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मुम्बई की रेवती रॉय की। रेवती रॉय वह महिला हैं जिन्होंने महिलाओं की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर केवल उन्हीं की सुविधा के लिए 'फॉरशी' नाम से कैब सेवा प्रारम्भ की। उद्देश्य स्पष्ट था कामकाजी और जरूरतमन्द महिलाओं को अपने शहर में सुरक्षित सफर का भरोसा देना। यह सेवा उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई, जिन्हें महानगरों में मुँह बाए बैठे अपराधी तत्वों या परपीड़ा में आनन्द लेने वालों से प्रायः रोज ही जूझना पड़ता है। खतरों और आशंकाओं से भरी सड़क परिवहन की जिन्दगी में कदम रखने का निर्णय लेना रेवती के लिए सरल नहीं था। लेकिन कभी-कभी विवशता भी प्रेरणा देती है। ऐसे ही अवसरों पर 'आँख नहीं, दृष्टि' वाला दर्शन प्रेरक होता है। गम्भीर बीमारी से जूझ रहे पति के इलाज में सारी जमापूँजी चुक जाने के बाद रेवती को अपने अस्तित्व के लिए कुछ-न-कुछ करना था। सो उन्होंने एकदम नया रास्ता चुना-कैब के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का आश्वासन।
कामकाजी महिलाओं को प्रायः नित्य ही जूझना पड़ता है

A

मनमानी करने वाले चालकों से

B

परिवहन की समस्याओं से

C

गृहस्थी की समस्याओं से

D

परपीड़क और अपराधी लोगों से

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A
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