Home
Class 14
HINDI
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित...

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। मैं साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ। जो वाग्जाल मनुष्य की दुर्गति, हीनता और परमुखापेक्षिता से बचा न सके, जो उसकी आत्मा को तेजोद्दीप्त न बना सके, जो उसके हृदय को पर दुःखकातर और संवेदनशील न बना सके, उसे साहित्य कहने में मुझे संकोच होता है। मैं अनुभव करता हूँ कि हम लोग एक कठिन समय से गुजर रहे हैं। दुनिया छोटे-छोटे संकीर्ण स्वार्थों के आधार पर अनेक दलो 'में विभक्त हो गई है। अपने दल के बाहर का आदमी सन्देह की दृष्टि से देखा जाता है। उसके प्रत्येक त्याग और बलिदान के कार्य में भी 'चाल' का सन्धान पाया जाता है और अपने-अपने दलों में ऐसा करने वाला सफल नेता भी मान लिया जाता है। बड़े-बड़े राष्ट्रनायक जब अपनी विराट अनुचरवाहिनी के साथ इस प्रकार का गन्दा प्रचार करते हैं, तो ऊपर-ऊपर से चाहे जितनी भी सफलता उनके पक्ष में आती हुई क्यों न दिखाई दे, इतिहास विधाता का निष्ठुर नियम प्रवाह भीतर ही भीतर उनके स्वार्थों का उन्मूलन करता रहता है। जो लोग द्रष्टा हैं, वे इस गलती को समझते हैं, पर उनकी बात मदमत्त व्यक्तियों की ऊँची गद्दियों तक नहीं पहुँच पाती! संसार में अच्छी बात कहने वालों की कमी नहीं है, परन्तु मनुष्य के सामाजिक संगठन में ही कहीं कुछ ऐसा बड़ा दोष रह गया है, जो मनुष्य को अच्छी बात सुनने और समझने से रोक रहा है। इसलिए आज की सबसे बड़ी समस्या यह नहीं है कि अच्छी बात कैसे कही जाए, बल्कि यह है कि अच्छी बात को सुनने और मानने के लिए मनुष्य को कैसे तैयार किया जाए?
लेखक के अनुसार 'द्रष्टा' किस गलती को समझते हैं?

A

स्वार्थपूर्ण नीतियों की निस्सारता को

B

इतिहास विधाता के नियम प्रवाह को

C

साहित्य की उपयोगिता को

D

मनुष्य के सामाजिक संगठन को

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

लेखक के अनुसार, .द्रष्टा. स्वार्थपूर्ण नीतियों की निस्सारता को गलती समझते हैं।
Promotional Banner