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Class 12
CHEMISTRY
आयरन क्रोमाइट अयस्क से पोटैशियम डाइक्रोम...

आयरन क्रोमाइट अयस्क से पोटैशियम डाइक्रोमेट बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। पोटैशियम डाइक्रोमेट विलयन पर pH बढ़ाने से क्या प्रभाव पड़ेगा?

लिखित उत्तर

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पोटैशियम डाइक्रोमेट बनाने की विधि (Method of Preparation of Potassium Dichromate)
क्रोमाइट अयस्क `(FeCr_(2) O_(4) )` को जब वायु की उपस्थिति में सोडियम या पोटैशियम कार्बोनेट के साथ संगलित किया जाता हैं तो सोडियम क्रोमेट प्राप्त होता है।
`4FeCr_(2) O_(4) + 8Na_(2) CO_(3) + 7O_(2) to 8Na_(2) CrO_(4) + 2Fe_(2) O_(3) + 8CO_(2) uarr`
सोडियम क्रोमेट के पीले विलयन को छानकर उसे सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा अम्लीय बना लिया जाता है जिसमें से नारंगी सोडियम डाइक्रोमेट, `Na_(2) Cr_(2) O_(7) 2H_(2) O` को क्रिस्टलित कर लिया जाता है।
`2Na_(2) CrO_(4) + 2H^(+) to Na_(2) Cr_(2) O_(7) + 2Na^(+) + H_(2) O`
सोडियम डाइक्रोमेट की विलेयता, पोटैशियम डाइक्रोमेट से अधिक होती है, इसलिए सोडियम डाइक्रोमेट के विलयन में पोटैशियम क्लोराइड डालकर पोटैशियम डाइक्रोमेट प्राप्त कर लिया जाता है।
`Na_(2) Cr_(2) O_(7) + 2KCI to K_(2) Cr_(2) O_(7) + 2NaCI`
पोटैशियम डाइक्रोमेट के नारंगी रंग के क्रिस्टल, क्रिस्टलीकृत हो जाते हैं। जलीय विलयन में क्रोमेट तथा डाइक्रोमेट का अन्तरारूपान्तरण होता है जो विलयन के pH पर निर्भर करता है। क्रोमेट तथा डाइक्रोमेट में क्रोमियम की ऑक्सीकरण संख्या समान है।
`2CrO_(4)^(2-) + 2H^(+) to Cr_(2) O_(7)^(2-) + H_(2) O`
`Cr_(2) O_(7)^(2-) + 2OH^(-) to 2CrO_(4)^(2-) + H_(2) O`
अत: pH बढ़ाने पर, अर्थात् विलयन को क्षारीय करने पर, डाइक्रोमेट आयन (नारंगी रंग) क्रोमेट आयनों में परिवर्तित हो जाते हैं तथा विलयन का रंग पीला हो जाता है।
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