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CHEMISTRY
प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की +2 ऑक्...

प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की `+2` ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की तुलना कीजिए।

लिखित उत्तर

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प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्द्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ प्रथम तथा द्वितीय आयनन एन्थैल्पियों का योग बढ़ता है। अत: मानक अपचायक विभव (`E^o`) कम तथा ऋणात्मक होता है। इसलिए `M^(2+)` आयन बनाने की प्रवृत्ति घटती है। अत: `+2` ऑक्सीकरण अवस्था प्रथम अर्द्ध-भाग में अधिक स्थायी होती है। `+2` ऑक्सीकरण अवस्था का अधिक स्थायित्व, `Mn^(2+)` में अर्द्धपूरित `d-`उपकोशों (`d^5`) के कारण, `Zn^(2+)` में पूर्णपूरित `d-`उपकोशों (`d^(10)`) के कारण तथा निकिल में उच्च ऋणात्मक जलयोजन एन्थैल्पी के कारण होता है।
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