Home
Class 9
BIOLOGY
मनुष्य के कंकाल संक्षिप्त वर्णन कीजिए।...

मनुष्य के कंकाल संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

कंकाल ऊतक (Skeletal Tissue) कंकालीय ऊतक शरीर का मज़बूत व दृढ़ ढाँचा (framework) बनाने वाला ऊतक है जो शरीर को स्पष्ट आकृति व सहारा प्रदान करता है। यह कोमल महत्त्वपूर्ण अंगों जैसे मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े आदि के चारों ओर मजबूत कवच बनाता है। पेशियों से जुड़कर यह गति व-चलन सम्भवं बनाता है। अस्थियाँ शरीर के लिए आवश्यक कुछ खनिजों जैसे कैल्सियम व फॉस्फोरस का संचय भी करती हैं।
किसी भी अन्य संयोजी ऊतक ही के समान कंकालीय ऊतक भी आधात्री (matrix) व कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। . इस प्रकार के संयोजी ऊतक में मैट्रिक्स ठोस (solid) होता है। मैट्रिक्स की प्रकृति के आधार पर कंकालीय ऊतक दो प्रकार का होता है-(a) अस्थि तथा (b) उपास्थि (कार्टीलेज)। .
(a) अस्थि (Bone)-अस्थि एक दृढ़, लचकरहित संयोजी ऊतक है जिसकी मैट्रिक्स ठोस होती है। इसकी मैट्रिक्स कुछ खनिजों (कैल्सियम व फॉस्फोरस के लवणों) के निक्षेपण के कारण दृढ़ हो जाती है। मैट्रिक्स में 30% कार्बनिक पदार्थ तथा 70% तक अकार्बनिक लवण होते हैं। मैट्रिक्स की प्रोटीन ओसीन (ossein) कहलाती है। अस्थि की ठोस मैट्रिक्स के बीच-बीच में जीवित अस्थि कोशिकाएँ ऑस्टियोसाइट (osteocytes) पायी जाती हैं। प्रत्येक अस्थि कोशिका मैट्रिक्स में स्थित एक खाली स्थान, लेक्यूना (lacuna) में स्थित होती हैं। प्रत्येक अस्थि कोशिका में कोशिकाद्रव्यीय प्रवर्ध भी पाए जाते हैं, जो समान आकार के लेक्यूना में समायोजित होते हैं। ये सभी लेक्यूनी (lacunae) संकेन्द्री वलयों (concentric.rings) के रूप में पायी जाती हैं। संकेन्द्री वलयों के बीच के स्थान में हैवर्स नलिका (Haversian tube) स्थित होती है। संकेन्द्री लैमेली को हैवर्स लैमिली (Haversian lamellae) कहा जाता है।
(b) उपास्थि या कार्टिलेज (Cartilage)-उपास्थि में भी मैट्रिक्स ठोस ही होती है, लेकिन इसकी मैट्रिक्स में अकार्बनिक खनिजों का निक्षेपण नहीं पाया जाता। खनिजीभवन (Mineralization) की अनुपस्थिति के कारण इसकी मैट्रिक्स ठोस होते हुए भी लचीली बनी रहती है। इसकी मैट्रिक्स में कॉन्डिन (chondrin) प्रोटीन व शर्करा, की अधिकता होती है। उपास्थि की मैट्रिक्स में स्थित रिक्त स्थानों (lacunae, singular lacuna) में कॉन्ड्रोसाइट (chondrocyte) नामक कोशिकाएँ पायी जाती हैं। एक लेक्यूना में एक से लेकर चार कोशिकाएँ स्थित हो सकती हैं।
उपास्थि की सतह पेरिकॉन्ड्रियम (perichondrium) नामक संयोजी ऊतक से ढकी होती है। :: उपास्थि, अस्थि की अपेक्षा अधिक दॉब सह लेती है अतः शरीर के अंगों को लचीलापन प्रदान करती है। यह लम्बी अस्थियों के सिरों पर, ट्रैकिया (वायु नाल), के ऊपर अपूर्ण छल्लों के रूप में, स्वर यन्त्र में, बाह्य कर्ण (pinna) में, नाक के सिरे पर तथा कशेरुकाओं के बीच के स्थान पर स्थित होती है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • ऊतक

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर ?)|16 Videos
  • ऊतक

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर ?)|21 Videos
  • ऊतक

    CHITRA PUBLICATION|Exercise NCERT zone (NCERT विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (Science Exemplar Problems) LQ पुस्तक से चयनित महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के हल बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर)|15 Videos
  • खाद्य ससाधनो में सुधार

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर ( बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर ?)|9 Videos