Home
Class 12
BIOLOGY
पोषण किसे कहते हैं? पोषण की विभिन्न विधि...

पोषण किसे कहते हैं? पोषण की विभिन्न विधियों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

ओपेरॉन संकल्पना (Operon Concept) मनुष्य की आँत में पाए जाने वाले जीवाणु ई. कोलाई (E. coli) सामान्यतया लैक्टोस के अपचय से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। जैकब एवं मोनोड (Jacob & Monod, 1961) ने पता लगाया कि इसके D.N.A. में तीन जीन का एक समूह लैक्टोस का अपचय करने वाले तीन एन्जाइम्स के संश्लेषण से सम्बन्धित होता है। पोषण माध्यम में लैक्टोस होता है तो ये जीन सक्रिय होते हैं। पोषण माध्यम में लैक्टोस के अभाव में ये निष्क्रिय रहते हैं। जैकब एवं मोनोड ने इन जीन की सक्रियता के नियमन के लिए ओपेरॉन संकल्पना (Operon concept) प्रस्तुत की ओपेरॉन संकल्पना के अनुसार जीन की सक्रियता का नियमन अनुलेखन स्तर पर प्रेरण या दमन (induction or repression) द्वारा होता है। लैक्टोस का अपचय करने वाले एन्जाइम्स 8-गैलेक्टोसाइडेज(8-galactosidase), गैलेक्टोस परमीएज (galactose permease) तथा ट्रान्सऐसीटिलेज (trans acetylase) हैं। इनके संरचनात्मक जीन्स (structural genes) को क्रमशः सिस्ट्रॉन-Z, सिस्ट्रॉन-Y तथा सिस्ट्रॉन-a द्वारा प्रदर्शित करते हैं। ये एक-दूसरे के निकट स्थित होते हैं इनमें .परस्पर समन्वय होता है। तीन जीन इनको कन्ट्रोल करते हैं, इन्हें नियामक या रेगुलेटर जीन (regulator gene), वर्धक या प्रोमोटर जीन (promoter gene) तथा प्रचालक या ऑपरेटर जीन (operator gene) कहते हैं। किसी उपापचयी तन्त्र में, एन्जाइम्स को कोड करने वाले जीन सामान्यतया समूह (cluster) के रूप में गुणसूत्र पर स्थित होती हैं। ये एक कार्यक जटिल (functional complex) बनाती हैं। इस पूरे तन्त्र को लैक ओपेरॉन (Lac operon) कहते हैं। इसमें संरचनात्मक जीन (structural genes), प्रोमोटर जीन (promoter gene), प्रचालक या ऑपरेटर जीन (operator gene) तथा नियामक या रेगुलेटर जीन (regulater gene) आदि मिलती हैं। लैक ओपेरॉन = रेगुलेटर जीन + प्रोमोटर जीन + ऑपरेटर जीन + संरचनात्मक जीन

लैक ओपेरॉन का प्रकार्य (Functioning of Lac Operon)
(A) लैक्टोस की अनुपस्थिति में (In absence of Lactose)—लैक्टोस प्रेरक की अनुपस्थिति में रेगुलेटर जीन एक लैक निरोधक या दमनकारी प्रोटीन बनाता है। यह ऑपरेटर जीन से बन्धित होकर इसके अनुलेखन को रोकता है। इसके फलस्वरूप संरचनात्मक जीन m-R.N.A. का संश्लेषण नहीं कर पाते और प्रोटीन संश्लेषण रुक जाता है। यह दमनकर या संदमनात्मक (repression) ओपेरॉन का उदाहरण है।
(B) लैक्टोस की उपस्थिति में (In presence of Lactose)—माध्यम में लैक्टोस प्रेरक के उपस्थित होने पर प्रोमोटर कोशिका में प्रवेश करके रेगुलेटर जीन से उत्पन्न दमनकर से बन्धित होकर जटिल यौगिक बनाता है। इसके कारण दमनकर ऑपरेटर से बन्धित नहीं हो पाता और ऑपरेटर स्वतन्त्र रहता है। यह R.N.A.-पॉलिमरेंज को प्रोमोटर जीन के समारम्भन स्थल से बन्धित होने के लिए प्रेरित करता है जिसके फलस्वरूप पॉलिसिस्ट्रोनिक लैक m-R.N.A. का अनुलेखन होता है। यह लैक्टोस अपचय के लिए आवश्यक तीनों एन्जाइम्स को कोडित करता है। इस क्रिया को एन्जाइम उत्प्रेरण कहते हैं। यह एन्जाइम उत्प्रेरण या प्रेरण (induction) का उदाहरण है। इसमें लैक्टोस प्रेरक का कार्य करता है।
(C) सहदमनकर (Co-repressor)—कभी-कभी मेटाबोलाइट (लैक्टोस) से बन्धित होने पर निरोधक या दमनकर की संरचना में परिवर्तन हो जाता है। यह ऑपरेटर से बन्धित होकर इसके अनुलेखन (transcription) को रोकता है। इसमें मेटाबोलाइट (लैक्टोस) को सहदमनकर कहते हैं, क्योंकि यह ऑपरेटर स्थल (operator site) को निष्क्रिय करने के लिए दमनकर को सक्रिय करता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • वंशागति के आण्विक आधार

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (Typel))|28 Videos
  • वंशागति के आण्विक आधार

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (TypeII))|11 Videos
  • वंशागति के आण्विक आधार

    CHITRA PUBLICATION|Exercise NCERT ZONE (NCERT जीव विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (Biology Exemplar Problems) पुस्तक से चयनित महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर) ( विस्तृत उत्तरीय प्रश्न )|1 Videos
  • मानव स्वास्थ्य तथा रोग

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर ( बहुविकल्पीय प्रश्न )|30 Videos
  • वंशागति तथा विविधता के सिद्धान्त

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|32 Videos
CHITRA PUBLICATION-वंशागति के आण्विक आधार-अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न )
  1. आनुवंशिक कूट (genetic code) क्या है? आनुवंशिक कूट की खोज के संक्षिप्त ...

    Text Solution

    |

  2. आनुवंशिक कूट क्या है? इसकी विशेषताएँ लिखिए।

    Text Solution

    |

  3. आनुवंशिक कूट की व्याख्या कीजिए। इसकी विशेषताएँ बताइए।

    Text Solution

    |

  4. मेरुरज्जु का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  5. जीन प्रकटन के नियमन का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  6. आनुवंशिक सूचनाओं का वाहक अणु क्या है? प्रयोगों द्वारा इसे सिद्ध करने व...

    Text Solution

    |

  7. किन वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि डी०एन०ए० आनुवंशिक सूचनाओं का वाहक होत...

    Text Solution

    |

  8. मानव जीनोम परियोजना के चार लक्ष्य लिखिए ।

    Text Solution

    |

  9. मानव जीनोम प्रोजेक्ट पर टिप्पणी लिखिए।

    Text Solution

    |

  10. डी० एन० ए० अंगुलिछापी क्या है? इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।

    Text Solution

    |

  11. डी० एन०ए० की संरचना का वर्णन कीजिए।आर० एन०ए० से तुलना कीजिए।

    Text Solution

    |

  12. डी० एन० ए० की न्यूक्लियोटाइड इकाई का वर्णन कीजिए।डी० एन०ए० तथा आर० एन०...

    Text Solution

    |

  13. पोषण किसे कहते हैं? पोषण की विभिन्न विधियों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  14. लिपिड की परिभाषा लिखिए।

    Text Solution

    |

  15. प्रोटीन्स तथा जीन्स में क्या सम्बन्ध है? कोडॉन और प्रतिकोडॉन में अन्तर...

    Text Solution

    |

  16. जीन प्रवाह से आप क्या समझते हैं ?

    Text Solution

    |

  17. जीन प्रकटन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

    Text Solution

    |

  18. आनुवंशिक अणु किसे कहते हैं? इसका पूरा नाम लिखिए।आनुवंशिक सूचनाएँ इसके ...

    Text Solution

    |

  19. डी०एन०ए० अंगुलिछापी क्या है? इसकी उपयोगिता पर टिप्पणी कीजिए।

    Text Solution

    |

  20. D.N.A. पैकेजिंग क्या है? इसके महत्त्व को समझाइए।

    Text Solution

    |