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CHEMISTRY
अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व...

अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक क्यों है?

लिखित उत्तर

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अधिकांश अवक्षेपण सामान्यतया आयनिक अभिक्रियाओं में होते हैं। अवक्षेप के बनने में मिश्रित होने वाले विद्युत-अपघट्यों के वियोजन के उपरान्त उत्पन्न आयनों की कुछ मात्रा अवक्षेप के कणों के पृष्ठ पर अधिशोषित रह जाती है। अतः इन विद्युत-अपघट्यों तथा अन्य अशुद्धियों के चिपके हुए कणों को हटाने के लिए यह आवश्यक है कि अवक्षेप को कई बार जल से घो लेना चाहिए तथा इसके बाद ही इसका मात्रात्मक आकलन करना चाहिए। अन्यथा उसमें त्रुटि की सम्भावना बनी रहती है।
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