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CHEMISTRY
पद (शब्दों) को समझाइए टिण्डल प्रभाव।...

पद (शब्दों) को समझाइए
टिण्डल प्रभाव।

लिखित उत्तर

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टिण्डल प्रभाव (Tyndall effect)---जिस प्रकार अंधेरे कमरे में प्रकाश की किरण में धूल के कण चमकते हुए दिखाई पड़ते हैं, उसी प्रकार लेन्सों से केन्द्रित प्रकाश को कोलॉइडी विलयन पर डालकर समकोण दिशा में रखे एक सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कोलॉइडी कण अंधेरे में घूमते हुए दिखाई देते हैं। इस - घटना के आधार पर वैज्ञानिक टिण्डल ने कोलॉइडी विलयनों में एक प्रभाव का अध्ययन किया जिसे टिण्डल प्रभाव कहा गया, अतः कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन (scattering of light) के कारण टिण्डल प्रभाव होता है।
टिण्डल प्रभाव का कारण-कोलॉइडी कणों का आकार प्रकाश की तरंगदैर्घ्य (wavelength of light) से कम होता है, अतः प्रकाश की किरणों के कोलॉइडी कणों पर पड़ने पर कण प्रकाश की ऊर्जा का अवशोषण करके आत्मदीप्त (self-illuminate) हो. जाते हैं। अवशोषित ऊर्जा के पुनः छोटी तरंगों के प्रकाश के रूप में टिण्डल प्रदीप्त शंकु प्रकीर्णित होने से नीले रंग का एक शंकु दिखता है जिसे टिण्डल शंकु (Tyndall cone) कहते हैं और यह टिण्डल घटना कहलाती है।
प्रकाश की किरणें जब कोलॉइडी विलयनों के कोलॉइडी कण से टकराती है तो वे प्रकीर्णित (scattered) हो जाती है तथा प्रकीर्णित प्रकाश (scattered light) का क्षेत्र स्वयं कोलॉइडी कण की अपेक्षा बड़ा होता है। प्रकीर्णित प्रकाश के इस क्षेत्र को सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है। वास्तविक विलयन के कण बहुत छोटे होते हैं। इस कारण वे प्रकाश की किरणों को प्रकीर्णित नहीं कर पाते है। इसी कारण से वास्तविक विलयन में से प्रकाश की किरणें प्रवाहित करने से उनका पथ दिखाई नहीं देता है।
प्रकीर्णित प्रकाश की तीव्रता परिक्षेपण माध्यम तथा परिक्षिप्त प्रावस्था के अपवर्तनांकों के अन्तर पर निर्भर करती है। टिण्डल प्रभाव का महत्त्व-टिण्डल प्रभाव का प्रयोग वास्तविक विलयन तथा कोलॉइडी विलयन में अन्तर करने के लिए किया जा सकता है। दिए गए विलयन में प्रकाश का एक प्रबल पुंज प्रवाहित किया जाता है। यदि प्रकाश का पथ चमकीला हो जाता है, तो दिया गया विलयन एक कोलॉइडी विलयन होता है। दूसरी ओर, यदि प्रकाश का पथ दीप्त नहीं होता तो यह एक वास्तविक विलयन होता है।
अत: कोलॉइडी विलयन `hArr `टिण्डल प्रभाव दर्शाता है।
वास्तविक विलयन `hArr ` टिण्डल प्रभाव नहीं दर्शाता है।
कोलॉइडी विलयनों में द्रवरागी कोलॉइड टिण्डल प्रभाव नहीं दर्शाते हैं, जबकि द्रवविरागी कोलॉइड टिण्डल प्रभाव दर्शाते हैं।
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