Home
Class 9
BIOLOGY
संकटग्रस्त जातियों की अवधारणा समझाइये।...

संकटग्रस्त जातियों की अवधारणा समझाइये।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

टीकाकरण (Vaccination)--एक टीका (vaccine) वह उत्पाद है जो किसी रोग विशेष के प्रति प्रतिरक्षा (immunity) उत्पन्न करता है अर्थात् टीके रोग विशिष्ट होते हैं। टीकों में प्राय: मृत रोगजनक या निर्बलीकृत रोगजनक का प्रयोग किया जाता है। इसमें रोगाणुओं के स्थान पर उनसे प्राप्त कुछ विशिष्ट रसायन (एण्टीजन) भी प्रयोग किए जा सकते हैं। शरीर में टीकाकरण का सामान्य सिद्धान्त प्रतिरक्षी तन्त्र को .मूर्ख. बनाना है। प्रतिरक्षी तन्त्र शरीर में प्रविष्ट मृत रोगाणुओं या उनके रसायनों को हानिकारक रोगजनक के रूप में देखता है। इनके विरुद्ध वह प्राथमिक अनुक्रिया प्रारम्भ कर देता है व स्मृति बनाकर भी रखता है। बाद में जब कभी वास्तविक रोगजनक शरीर में प्रवेश करता है तब प्रतिरक्षी तन्त्र स्मृति के आधार पर तीव्रता से व अधिक शक्ति से उसे नष्ट कर देता है।
• टीके शरीर में एण्टीबॉडीज के निर्माण को प्रेरित करते हैं। एण्टीबॉडीज हमारे शरीर के प्रतिरक्षी तन्त्र की कोशिकाओं द्वारा निर्मित ऐसे प्रतिरक्षी प्रोटीन्स हैं जो रोगकारी जीव को समाप्त करने में सहायक होते हैं।
• एक अन्य प्रकार के टीकों में शरीर में किसी दूसरे जीव के शरीर में बनी एण्टीबॉडीज (antibodies) को प्रविष्ट कराया जाता है। यह प्रायः गम्भीर रोगों जैसे टिटेनस आदि में प्रयोग किए जाते हैं। टीकाकरण कार्यक्रम तभी सफल होते हैं जब ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी बच्चों को प्राप्त हों।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • हम बीमार क्यों होते है

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर ( अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर ? )|9 Videos
  • हम बीमार क्यों होते है

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर ( बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर ? )|20 Videos
  • हम बीमार क्यों होते है

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर ( विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर ?)|6 Videos
  • प्राकृतिक सम्पदा

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर)|12 Videos