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BIOLOGY
विभिन्न प्रकार के पोलिसेकेराइड्स का संक्...

विभिन्न प्रकार के पोलिसेकेराइड्स का संक्षिप्त वर्णन कीजिए |

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कंकाल तन्त्र
(Skeletal System) प्राणियों का कंकाल तन्त्र, पेशियों के साथ मिलकर शरीर को गति प्रदान करता है। प्राणियों में दो प्रकार का कंकाल तन्त्र पाया " जाता है।
1. बाह्य कंकाल (Exoskeleton)-यह शरीर के चारों ओर रक्षात्मक आवरण बनाता है। शरीर को निश्चित आकार तथा आलम्बन (support) प्रदान करता है |अकशेरुकी प्राणियों में बाह्य कंकाल मुख्यतया निम्न प्रकार का होता है -
(i) सिलिकामय बाह्य कंकाल (Siliceous exiskeleton)-संघ प्रोटोजोआ के हीलियोजोआ तथा रेडियोलेरिया वर्ग के प्राणियों में सिलिका से बना पारदर्शी एवं कठोर बाह्य कंकाल पाया जाता है।
(ii) काइटिनी बाह्य कंकाल (Chitinous exoskeleton)-आर्थोपोडा संघ के सदस्यों में काइटिन की प्लेटों (sclerites) से बना खण्डयुक्त बाह्य कंकाल पाया जाता है। यह चूने तथा स्कलीरोटिन (sclerotin) के संचित होने के कारण विभिन्न रंगों का हो जाता है।
(iii) कैल्सियमी बाह्य कंकाल (Calcareous exoskeleton)-संघ सीलेन्ट्रेटा, मोलस्का तथा इकाइनोडर्मेटा के प्राणियों के शरीर पर कैल्सियम कार्बोनेट `(CaCO_3)` से बना बाह्य कंकाल पाया जाता है। संघ सीलेन्ट्रेटा के वर्ग एन्थोजोआ के सदस्यों के द्वारा सावित कैल्सियम काबोंनेट के निक्षेप को प्रवाल (coral) कहते हैं। अधिकांश इकाइनोडर्मेट्स में बाह्य कंकाल शूलों (spines) तथा पैडीसिलेरी (pedicillariae) के रूप में पाया जाता है। कशेरुकी प्राणियों में बाह्य कंकाल प्रायः निम्न प्रकार. का होता है -
(iv) एपीडर्मल शृंगी बाह्यकंकाल (Epidermal horny exoskeleton)-यह सरीसृपों में शल्कों , पक्षियों में परों (feathers), स्तनियों में बाल (hairs), सींग, नाखून तथा खुर आदि के रूप में मिलता है। यह त्वचा की एपीडर्मिस (epidermis) से विकसित होता है।
(v) डर्मल अस्थिल कंकाल (Dermal bony skeleton)-यह त्वचा की डर्मिस (dermis) से विकसित होता है। मछलियों, सरीसृपों तथा स्तनियों के शल्क (scales), प्रशल्क (scutes), पख रे.(fin rays), शृंगाभ (antlers) आदि डर्मल अस्थिल कंकाल हैं।
2. अन्तः कंकाल (Endoskeleton)-कशेरुकी प्राणियों में उपास्थि (cartilage) तथा अस्थि (bones) से बना अन्तःकंकाल पाया जाता है। इसकी उत्पत्ति भ्रूण के मीसोडर्म (mesoderm) स्तर से होती है। भ्रूणीय प्रावस्था में अन्त:कंकाल उपास्थिल (cartilagenous) होता है। अधिकांश कशेरुकी प्राणियों में यह अस्थियों द्वारा प्रतिस्थापित (replace) हो जाता है।उत्पत्ति के आधार पर अस्थियों को निम्न दो प्रकारों में विभेदित करते हैं -
(क) कलाजात अस्थियाँ (Membranous bones)-इनका निर्माण त्वचा की डर्मिस (dermis) के नीचे स्थित संयोजी ऊतक की झिल्ली में अस्थिभवन (ossification) के कारण होता है। ये अस्थियाँ उपास्थिल अन्तःकंकाल पर निवेशित होकर दृढ़ता प्रदान करती हैं। जैसे कपाल (skull) की अधिकांश अस्थियाँ।
(ख) उपास्थिजातं अस्थियाँ (Cartilagenous bones)-ये भ्रूण में उपस्थित उपास्थिल अन्तःकंकाल के अस्थिभवन (ossification) के फलस्वरूप बनती हैं जैसे कशेरुक दण्ड की कशेरुकाएँ, अग्रपाद तथा पश्चपाद की अस्थियाँ, कपाल की कुछ अस्थियाँ।
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