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Class 12
CHEMISTRY
[Fe(H(2)O)(6)]^(3+) प्रबल अनुचुम्बकीय ह...

`[Fe(H_(2)O)_(6)]^(3+)` प्रबल अनुचुम्बकीय है, जबकि `[Fe(CN)_(6)]^(3-)` दुर्बल अनुचुम्बकीया समझाइए।

लिखित उत्तर

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`CN^(-)` (प्रबल क्षेत्र लिगण्ड) की उपस्थिति में, 3d-इलेक्ट्रॉन युग्मित होकर केवल एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं अर्थात् `d^(2)sp^(3)` संकरण वाला आन्तरिक कक्षक संकुल बनता है। इसलिए `[Fe(CN)_(6)]^(3-)` दुर्बल अनुचुम्बकीय होता है। `H_(2)O` (दुर्बल क्षेत्र लिगण्ड) की उपस्थिति में 3d-इलेक्ट्रॉन युग्मित नहीं होते अर्थात् संकरण `sp^(3)d^(2)` है जो बाह्य कक्षक संकुल, जिसमें पाँच अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं, बनाता है, इसलिए `[Fe(H_(2)O)_(6)]^(3+)` प्रबल अनुचुम्बकीय होता है।
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