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Class 12
CHEMISTRY
FeSO(4) विलयन तथा (NH(4))(2)SO(4) विलयन ...

`FeSO_(4)` विलयन तथा `(NH_(4))_(2)SO_(4)` विलयन का 1:1 मोलर अनुपात में मिश्रण `Fe^(2+)` आयन का परीक्षण देता है, परन्तु `CuSO_(4)` व जलीय अमोनिया का 1: 4 मोलर अनुपात में मिश्रण `Cu^(2+)` आयनों का परीक्षण नहीं देता। समझाइए क्यों?

लिखित उत्तर

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`FeSO_(4)` विलयन तथा `(NH_(4)) SO_(4)` विलयन का 1: 1 मोलर अनुपात में मिश्रण द्विक लवण बनाता है। यह द्विक लवण `FeSO_(4).(NH_(4))_(2)SO_(4).6H_(2)O` (मोहर लवण) है जो विलयन में आयनित होकर `Fe^(2+)` आयन देता है। इसलिए यह `Fe^(2+)` आयनों का परीक्षण देता है।
`FeSO_(4) (NH_(4))_(2)SO_(4).6H_(2)O (aq) overset((aq))to Fe^(2+) (aq) + 2NH_(4)^(+) (aq) +2SO_(4)^(2-) (aq) +6H_(2)O`
`CuSO_(4)` व जलीय अमोनिया का 1 : 4 मोलर अनुपात में मिश्रण संकर लवण बनाता है जिसका सूत्र `[Cu(NH_(3))_(4)]SO_(4)` है। संकुल आयन, `[Cu(NH_(3))_(4)]^(2+)` आयनित होकर `Cu^(2+)` आयन नहीं देता है। इसलिए यह `Cu^(2+)` आयन के परीक्षण नहीं देता।
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