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CHEMISTRY
संयोजकता आबन्ध सिद्धान्त के आधार पर संकु...

संयोजकता आबन्ध सिद्धान्त के आधार पर संकुल आर्यन `[Fe(CN)_(6)]^(4-)`-के ज्यामितिय तथा चुम्बकीय व्यवहार को स्पष्ट कीजिए।

लिखित उत्तर

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`[Fe(CN)_(6)]^(4-)` इस संकुल आयन में आयरन की ऑक्सीकरण अवस्था +2 है।
Fe का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास `=[Ar]3d^(6)4s^(2)`
`Fe^(2+)` का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास `= [Ar] 3d^(6)`
छह सायनाइड आयनों से छह इलेक्ट्रॉन युग्मों को स्थान देने के लिए आयरन (II) आयन को छह रिक्त कक्षक उपलब्ध करने चाहिए। ऐसा निम्नलिखित संकरण पद्धति के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है जिसमें d उपकोश के इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं, चूँकि `CN^(-)` आयन प्रबल क्षेत्र लिगेण्ड हैं।

अतः छह सायनाइड आयनों से. छह इलेक्ट्रॉन युग्म आयरन (II) आयन के छह संकरित कक्षकों को अध्यासित कर लेते हैं। इस प्रकार किसी भी कक्षक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं, इसलिए `[Fe(CN)_(6)]^(4-)` प्रतिचुम्बकत्व दर्शाता है। अत: `d^(2)sp^(3)` संकरण के कारण यह अष्टफलकीय है तथा इसकी संरचना निम्नवत् है -

यह एक निम्न चक्रण या आन्तरिक कक्षक संकुल है।
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