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Class 12
CHEMISTRY
[Cr(NH(3))(6)]^(3+) अनुचुम्बकीय है, जबकि...

`[Cr(NH_(3))_(6)]^(3+)` अनुचुम्बकीय है, जबकि `[Ni(CN)_(4)]^(2-)` प्रतिचुम्बकीय, समझाइए क्यों?

लिखित उत्तर

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`[Cr(NH_(3))_(6)]^(3+)` का निर्माण (Formation of `[Cr(NH_(3))_(6)]^(3+)`)
`[Cr(NH_(3))_(6)]^(3+)` आयन में क्रोमियम की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है। क्रोमियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3db4st है। संकरण को निम्नलिखित आरेख में दर्शाया गया है -

`Cr^(3+)` आयन अमोनिया के छह अणुओं से छह इलेक्ट्रॉन युग्मों को स्थान देने के लिए छह रिक्त कक्षक उपलब्ध कराते हैं। परिणामत: संकुल `[Cr(NH_(3))_(6)]^(3+)` में `d^(2)sp^(3)` संकरण होता है तथा यह अष्टफलकीय होता है। संकुल में तीन अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति इसके अनुचुम्बकीय गुण को स्पष्ट करती है।
`[Ni(CN)_(4)]^(2-)` का निर्माण (Formation of `[Ni(CN)_(4)]^(2-)`)
`[Ni(CN)_(4)]^(2-)` में Ni की ऑक्सीकरण अवस्था +2 है तथा इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास `3d^(8)` है। संकरण को अग्रवत् समझाया जा सकता है -

प्रत्येक संकरित कक्षक सायनाइड आयन से एक इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करता है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति `[Ni(CN)_(4)]^(2-)`- के प्रतिचुम्बकीय व्यवहार की पुष्टि करती है। `dsp^(2)`- संकरण के कारण यह समतल वर्गाकार तथा निम्न चक्रण संकुल है।
`[Ni(CN)_(4)]^(2-)` की ज्यामिति को निम्न प्रकार दर्शाया जा सकता हैं -
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