उपसहसंयोजन यौगिकों की सिस-ट्रान्स समावयवता को एक उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उपसहसंयोजन यौगिकों की सिस-ट्रान्स समावयवता को एक उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
लिखित उत्तर
Verified by Experts
ऐसे यौगिक जिनका अणुसूत्र समान हो, परन्तु जिनके भौतिक एवं रासायनिक गुण भिन्न हों, समावयवी तथा इस घटना को समावयवता कहते हैं। उपसहसंयोजन यौगिकों में यह समावयवता यौगिकों की संरचना में अन्तर के कारण अथवा अन्तराकाश में परमाणुओं या समूहों के भिन्न प्रबन्धों के कारण होती है।
त्रिविम समावयवता (Stereo Isomerism)
जब दो या अधिक यौगिकों का अणुसूत्र समान हो, परन्तु अन्तराकाश में परमाणुओं या समूहों के भिन्न प्रबन्धों के कारण गुण भिन्न हों तो यह समावयवता त्रिविम समावयवता कहलाती है। यह निम्नलिखित प्रकार की होती है-
(अ) ज्यामितीय समावयवता (Geometrical Isomerism)
यह समावयवता केन्द्रीय धातु आयन के चारों ओर लिगण्डों की विभिन्न स्थितियों के कारण होती है। समपक्ष रूप में दो एक जैसे लिगण्ड एक ही दिशा में रहते हैं, जबकि विपक्ष रूप में दो एक जैसे लिगेण्ड विपरीत दिशा में रहते हैं। इसी कारण से इस समावयवता को समपक्ष-विपक्ष समावयवता (Cis-trans isomerism) भी कहते हैं।
इस प्रकार की समावयवता मुख्य रूप से ऐसे संकुल यौगिकों में पायी जाती है जिनमें केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 या 6 होती है।
(1) उपसहसंयोजन संख्या 4 (Coordination number 4) केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 चतुष्फलकीय या समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में पायी जाती है। इनमें से चतुष्फलकीय संकुल यौगिकों में इस प्रकार की समावयवता नहीं पायी जाती। इसका कारण यह है कि सभी चारों लिगेण्ड केन्द्रीय धातु आयन से समान दूरी पर स्थित होते हैं।
समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में इस प्रकार की समावयवता पायी जाती है। ऐसे समतल वर्गाकार संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(2)B_(2)]^(npm), [MA_(2)BC]^(n pm), [MABCD]^(n pm)` तथा `[M(AB)_(2)]^(n pm)` ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ A,B,C व D एकदन्तुर लिगेण्ड तथा AB एक असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड हैं। दूसरी ओर ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(4)]^(n+), [MA_(3)B]^(n pm)` या `[MAB_(3)]^(n pm)` होता है, इस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित नहीं करते।
(i) `[MA_(2)B_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compound of type `[MA_(2)B_(2)]^(n pm)`)- इस प्रकार के जटिल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Pt (NH_(3))_(2)Cl_(2)], [Pt(Py)(2)Cl_(2)]` तथा `[Pd(NH_(3))_(2)(NO_(2))_(2)]` हैं। `[Pt (NH_(3))_(2)Cl_(2)]` के समपक्ष-विपक्ष रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है -
(ii) `[MA_(2)BC]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(2)BC]^(n pm)`)-इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Pt(NH_(3))_(2) (NO_(2))Cl], [Pt(Py)_(2)(NH_(3))(Cl)^(+)]` तथा `[Pt(NH_(3))_(2)(Cl)(Br)]` है। `[Pt(NH_(3))_(2)(NO_(2))(Cl)]` के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है -
(iii) `[MABCD]^(n pm)` - प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MABCD]^(n pm)`) -इस प्रकार के संकुल यौगिकों का मुख्य उदाहरण `[Pt(Py) (NH_(3))(Cl)(Br)]` है। यह निम्नांकित तीन ज्यामितीय समावयवी रूपों में पाया जाता है -
(iv) `[M(A)_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A)_(2)]^(n pm)`) - असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड युक्त समतल वर्गाकार संकुल यौगिक भी ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ-बिस (ग्लाइसिनेटो) प्लैटिनम (II), `[Pt (NH_(2)CH_(2)COO)_(2)]`, संकुल यौगिक के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जाता है -
(2) उपसहसंयोजन संख्या 6 (Coordination number 6) - केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 6 अष्टफलकीय संकुल यौगिकों में पायी जाती है। साधारणतया ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(4)B_(2)]^(n pm), [MA_(4)BC]^(n pm), [MA_(3)B_(3)]^(n pm), [MABCDXY]^(n pm), [M(A A)_(2)BC]^(n pm)` तथा `[M(AB)_(3)]^(n pm)` ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ A, B, C, D, X, Y एकदन्तुर लिगेण्ड तथा AA व AB क्रमशः सममित व असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड हैं। दूसरी ओर, ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(6)]^(n pm), [MA_(5)B]^(n pm)` व `[MAB_(5)]^(n pm)` है, ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करते। इसका कारण यह है कि इन संकुल यौगिकों में लिगण्डों के अन्तराकाश में विभिन्न प्रबन्ध सम्भव नहीं हैं।
(i) `[MA_(4)B_(2)]^(n pm)` या `[MA_(4)BC]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(4)B_(2)]^(n pm)` or `[MA_(4)BC]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(NH_(3))_(4)Cl_(2)]^(+), [Cr(NH_(3))_(4)Cl_(2)]^(+)` तथा `[CrNH_(3))_(4)(NO_(2)(Cl)]^(+)` आयन के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है--
(ii) `[MA_(3)B_(3)]^(n pm)` - प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(3)B_(3)]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Rh (Py)_(3)Cl_(3)]^(+), [Cr(NH_(3))_(3)Cl_(3)]` हैं। `[Rh(Py)_(3)Cl_(3)]^(+)` संकुल आयन के fac-mer समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(iii) `[MABCDXY]^(n pm)`
(iii) `[MABCDXY]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MABCDXY]^(n pm)`) छह भिन्न लिगेण्ड युक्त अष्टफलकीय संकुल यौगिकों के 15 ज्यामितीय समावयवी सम्भव हैं। इस प्रकार के संकुल यौगिकों का केवल उदाहरण `[Pt(Py)(NH_(3))(Cl) (Br) (I) (NO_(2))]` है।
(iv) `[MA A)_(2)B_(2)]^(n pm)` या `[M(A A)_(2)BC]^(n pm)`) प्रकार के संकुल यौगिक (Complex Compounds of Type `[MA A)_(2)B_(2)]^(n pm)` or `[M(A A)_(2)BC]^(n pm)`)-इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` व `[Ir(C_(2)O_(4))_(4)Cl_(2)]^(3-)` है। `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` संकुल आयन के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को अग्रलिखित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(v) `[M(AB)_(3)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(AB)_(3)]^(n pm)`)- असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड युक्त अष्टफलकीय संकुल यौगिक भी ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ-संकुल यौगिक ट्रिस (ग्लाइसिनेटो) क्रोमियम (III), `[Cr(NH_(2)CH_(2)COO)_(3)]` के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(ब) ध्रुवण (प्रकाशिक) समावयवता (Optical Isomerism)
ऐसे यौगिक जिनके भौतिक एवं रासायनिक गुण समान होते हैं, परन्तु जिनका व्यवहार धृवित प्रकाश के प्रति भिन्न होता है, धुवण समावयव कहलाते हैं तथा इस घटना को धुवण समावयवता कहते हैं। समावयवी जो कि ध्रुवित प्रकाश के तल को घड़ी की दिशा में घुमाते हैं, दक्षिण धुवण घूर्णक या d-रूप तथा जो ध्रुवित प्रकाश के तल को घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाते हैं, बाएँ ध्रुवण घूर्णक या `l`-रूप कहलाते हैं। किसी यौगिक के d-व `l`-रूप परस्पर बिम्ब-प्रतिबिम्ब सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं तथा इन्हें प्रतिबिम्बरूपी कहते हैं। किसी यौगिक को ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करने के लिए यौगिक असममित होना चाहिए। इस प्रकार की समावयवता ऐसे संकुल यौगिकों में पायी जाती है जिनमें केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 व 6 होती है।
(1) उपसहसंयोजन संख्या 4 (Coordination number 4)-केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 चतुष्फलकीय या समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में पायी जाती है। असममित द्विदन्तुर लिगण्डयुक्त `[M(AB)_(2)]^(n pm)` प्रकार के चतुष्फलकीय संकुल यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं। इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण (i) बिस (ग्लाइसिनेटो) निकिल (II) तथा (ii) बिस (बेन्जोइल ऐसीटोनेटो) बेरिलियम (II) हैं।
समतल वर्गाकार संकुल यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित नहीं करते। इन संकुल यौगिकों में सभी लिगेण्ड या केन्द्रीय धातु परमाणु एक ही तल में होते हैं। अतः इनमें सममिति तल पाया जाता है।
(2) उपसहसंयोजन संख्या 6 (Coordination number 6)—केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 6 अष्टफलकीय संकुल यौगिकों में पायी जाती है। इस प्रकार के संकल यौगिकों में ध्रुवण समावयवता अधिक पायी जाती है। साधारणतया ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(2)X_(2)Y_(2)]^(n pm) , [MA_(2)X_(2)YZ]^(n pm), [MA_(2)XYZ]^(n pm)` या `[MABXYZL]^(n pm)` होता है, ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं। इन संकुल यौगिकों में सभी लिगेण्ड एकदन्तुर (monodentate) हैं।
`[M(A A)_(3)]^(n pm), [M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm), [M(A A)_(2)XY]^(n pm)` तथा `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)`
सामान्य सूत्र के अष्टफलकीय यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ AA सममित द्विदन्तुर लिगेण्ड तथा X व Y एकदन्तुर लिगेण्ड हैं।
(i) `[M(A A)_(3)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A A)_(3)]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(e n)_(3)]^(3+)` (en = एथिलीन डाइऐमीन) तथा `[Cr(C_(2)O_(4))_(3)]^(3-)` हैं। `[Co(e n)_(3)]^(3+)` आयन के d- व `l`-रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है-
(ii) `[M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm)` या `[M(A A)_(2)XY]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm)` or `[M(A A)_(2)XY]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Rh(e n)_(2)Cl_(2)]^(+), [Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+), [Co(e n)_(2)(NH_(3))Cl]^(2+)` तथा `[Co(e n)_(2)(Cl)(Br)]^(+)` हैं। cis- `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` के d- व `l`-रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है-
(iii) `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)` ) इस प्रकार के संकुल यौगिकों का मुख्य उदाहरण `[Co (e n) (NH_(3))_(2)Cl_(2)]^(+)` है। इसके ध्रुवण सक्रिय रूपों को अग्र प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता हैं -

त्रिविम समावयवता (Stereo Isomerism)
जब दो या अधिक यौगिकों का अणुसूत्र समान हो, परन्तु अन्तराकाश में परमाणुओं या समूहों के भिन्न प्रबन्धों के कारण गुण भिन्न हों तो यह समावयवता त्रिविम समावयवता कहलाती है। यह निम्नलिखित प्रकार की होती है-
(अ) ज्यामितीय समावयवता (Geometrical Isomerism)
यह समावयवता केन्द्रीय धातु आयन के चारों ओर लिगण्डों की विभिन्न स्थितियों के कारण होती है। समपक्ष रूप में दो एक जैसे लिगण्ड एक ही दिशा में रहते हैं, जबकि विपक्ष रूप में दो एक जैसे लिगेण्ड विपरीत दिशा में रहते हैं। इसी कारण से इस समावयवता को समपक्ष-विपक्ष समावयवता (Cis-trans isomerism) भी कहते हैं।
इस प्रकार की समावयवता मुख्य रूप से ऐसे संकुल यौगिकों में पायी जाती है जिनमें केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 या 6 होती है।
(1) उपसहसंयोजन संख्या 4 (Coordination number 4) केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 चतुष्फलकीय या समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में पायी जाती है। इनमें से चतुष्फलकीय संकुल यौगिकों में इस प्रकार की समावयवता नहीं पायी जाती। इसका कारण यह है कि सभी चारों लिगेण्ड केन्द्रीय धातु आयन से समान दूरी पर स्थित होते हैं।
समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में इस प्रकार की समावयवता पायी जाती है। ऐसे समतल वर्गाकार संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(2)B_(2)]^(npm), [MA_(2)BC]^(n pm), [MABCD]^(n pm)` तथा `[M(AB)_(2)]^(n pm)` ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ A,B,C व D एकदन्तुर लिगेण्ड तथा AB एक असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड हैं। दूसरी ओर ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(4)]^(n+), [MA_(3)B]^(n pm)` या `[MAB_(3)]^(n pm)` होता है, इस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित नहीं करते।
(i) `[MA_(2)B_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compound of type `[MA_(2)B_(2)]^(n pm)`)- इस प्रकार के जटिल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Pt (NH_(3))_(2)Cl_(2)], [Pt(Py)(2)Cl_(2)]` तथा `[Pd(NH_(3))_(2)(NO_(2))_(2)]` हैं। `[Pt (NH_(3))_(2)Cl_(2)]` के समपक्ष-विपक्ष रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है -
(ii) `[MA_(2)BC]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(2)BC]^(n pm)`)-इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Pt(NH_(3))_(2) (NO_(2))Cl], [Pt(Py)_(2)(NH_(3))(Cl)^(+)]` तथा `[Pt(NH_(3))_(2)(Cl)(Br)]` है। `[Pt(NH_(3))_(2)(NO_(2))(Cl)]` के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है -
(iii) `[MABCD]^(n pm)` - प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MABCD]^(n pm)`) -इस प्रकार के संकुल यौगिकों का मुख्य उदाहरण `[Pt(Py) (NH_(3))(Cl)(Br)]` है। यह निम्नांकित तीन ज्यामितीय समावयवी रूपों में पाया जाता है -
(iv) `[M(A)_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A)_(2)]^(n pm)`) - असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड युक्त समतल वर्गाकार संकुल यौगिक भी ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ-बिस (ग्लाइसिनेटो) प्लैटिनम (II), `[Pt (NH_(2)CH_(2)COO)_(2)]`, संकुल यौगिक के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जाता है -
(2) उपसहसंयोजन संख्या 6 (Coordination number 6) - केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 6 अष्टफलकीय संकुल यौगिकों में पायी जाती है। साधारणतया ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(4)B_(2)]^(n pm), [MA_(4)BC]^(n pm), [MA_(3)B_(3)]^(n pm), [MABCDXY]^(n pm), [M(A A)_(2)BC]^(n pm)` तथा `[M(AB)_(3)]^(n pm)` ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ A, B, C, D, X, Y एकदन्तुर लिगेण्ड तथा AA व AB क्रमशः सममित व असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड हैं। दूसरी ओर, ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(6)]^(n pm), [MA_(5)B]^(n pm)` व `[MAB_(5)]^(n pm)` है, ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करते। इसका कारण यह है कि इन संकुल यौगिकों में लिगण्डों के अन्तराकाश में विभिन्न प्रबन्ध सम्भव नहीं हैं।
(i) `[MA_(4)B_(2)]^(n pm)` या `[MA_(4)BC]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(4)B_(2)]^(n pm)` or `[MA_(4)BC]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(NH_(3))_(4)Cl_(2)]^(+), [Cr(NH_(3))_(4)Cl_(2)]^(+)` तथा `[CrNH_(3))_(4)(NO_(2)(Cl)]^(+)` आयन के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है--
(ii) `[MA_(3)B_(3)]^(n pm)` - प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MA_(3)B_(3)]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Rh (Py)_(3)Cl_(3)]^(+), [Cr(NH_(3))_(3)Cl_(3)]` हैं। `[Rh(Py)_(3)Cl_(3)]^(+)` संकुल आयन के fac-mer समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(iii) `[MABCDXY]^(n pm)`
(iii) `[MABCDXY]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[MABCDXY]^(n pm)`) छह भिन्न लिगेण्ड युक्त अष्टफलकीय संकुल यौगिकों के 15 ज्यामितीय समावयवी सम्भव हैं। इस प्रकार के संकुल यौगिकों का केवल उदाहरण `[Pt(Py)(NH_(3))(Cl) (Br) (I) (NO_(2))]` है।
(iv) `[MA A)_(2)B_(2)]^(n pm)` या `[M(A A)_(2)BC]^(n pm)`) प्रकार के संकुल यौगिक (Complex Compounds of Type `[MA A)_(2)B_(2)]^(n pm)` or `[M(A A)_(2)BC]^(n pm)`)-इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` व `[Ir(C_(2)O_(4))_(4)Cl_(2)]^(3-)` है। `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` संकुल आयन के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को अग्रलिखित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(v) `[M(AB)_(3)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(AB)_(3)]^(n pm)`)- असममित द्विदन्तुर लिगेण्ड युक्त अष्टफलकीय संकुल यौगिक भी ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ-संकुल यौगिक ट्रिस (ग्लाइसिनेटो) क्रोमियम (III), `[Cr(NH_(2)CH_(2)COO)_(3)]` के समपक्ष-विपक्ष समावयवों को निम्नांकित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है -
(ब) ध्रुवण (प्रकाशिक) समावयवता (Optical Isomerism)
ऐसे यौगिक जिनके भौतिक एवं रासायनिक गुण समान होते हैं, परन्तु जिनका व्यवहार धृवित प्रकाश के प्रति भिन्न होता है, धुवण समावयव कहलाते हैं तथा इस घटना को धुवण समावयवता कहते हैं। समावयवी जो कि ध्रुवित प्रकाश के तल को घड़ी की दिशा में घुमाते हैं, दक्षिण धुवण घूर्णक या d-रूप तथा जो ध्रुवित प्रकाश के तल को घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाते हैं, बाएँ ध्रुवण घूर्णक या `l`-रूप कहलाते हैं। किसी यौगिक के d-व `l`-रूप परस्पर बिम्ब-प्रतिबिम्ब सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं तथा इन्हें प्रतिबिम्बरूपी कहते हैं। किसी यौगिक को ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करने के लिए यौगिक असममित होना चाहिए। इस प्रकार की समावयवता ऐसे संकुल यौगिकों में पायी जाती है जिनमें केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 व 6 होती है।
(1) उपसहसंयोजन संख्या 4 (Coordination number 4)-केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 4 चतुष्फलकीय या समतल वर्गाकार संकुल यौगिकों में पायी जाती है। असममित द्विदन्तुर लिगण्डयुक्त `[M(AB)_(2)]^(n pm)` प्रकार के चतुष्फलकीय संकुल यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं। इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण (i) बिस (ग्लाइसिनेटो) निकिल (II) तथा (ii) बिस (बेन्जोइल ऐसीटोनेटो) बेरिलियम (II) हैं।
समतल वर्गाकार संकुल यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित नहीं करते। इन संकुल यौगिकों में सभी लिगेण्ड या केन्द्रीय धातु परमाणु एक ही तल में होते हैं। अतः इनमें सममिति तल पाया जाता है।
(2) उपसहसंयोजन संख्या 6 (Coordination number 6)—केन्द्रीय धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या 6 अष्टफलकीय संकुल यौगिकों में पायी जाती है। इस प्रकार के संकल यौगिकों में ध्रुवण समावयवता अधिक पायी जाती है। साधारणतया ऐसे संकुल यौगिक जिनका सामान्य सूत्र `[MA_(2)X_(2)Y_(2)]^(n pm) , [MA_(2)X_(2)YZ]^(n pm), [MA_(2)XYZ]^(n pm)` या `[MABXYZL]^(n pm)` होता है, ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं। इन संकुल यौगिकों में सभी लिगेण्ड एकदन्तुर (monodentate) हैं।
`[M(A A)_(3)]^(n pm), [M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm), [M(A A)_(2)XY]^(n pm)` तथा `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)`
सामान्य सूत्र के अष्टफलकीय यौगिक ध्रुवण समावयवता प्रदर्शित करते हैं, जहाँ AA सममित द्विदन्तुर लिगेण्ड तथा X व Y एकदन्तुर लिगेण्ड हैं।
(i) `[M(A A)_(3)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A A)_(3)]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Co(e n)_(3)]^(3+)` (en = एथिलीन डाइऐमीन) तथा `[Cr(C_(2)O_(4))_(3)]^(3-)` हैं। `[Co(e n)_(3)]^(3+)` आयन के d- व `l`-रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है-
(ii) `[M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm)` या `[M(A A)_(2)XY]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M (A A)_(2)X_(2)]^(n pm)` or `[M(A A)_(2)XY]^(n pm)`) - इस प्रकार के संकुल यौगिकों के मुख्य उदाहरण `[Rh(e n)_(2)Cl_(2)]^(+), [Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+), [Co(e n)_(2)(NH_(3))Cl]^(2+)` तथा `[Co(e n)_(2)(Cl)(Br)]^(+)` हैं। cis- `[Co(e n)_(2)Cl_(2)]^(+)` के d- व `l`-रूपों को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है-
(iii) `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)` प्रकार के संकुल यौगिक (Complex compounds of type `[M(A A)X_(2)Y_(2)]^(n pm)` ) इस प्रकार के संकुल यौगिकों का मुख्य उदाहरण `[Co (e n) (NH_(3))_(2)Cl_(2)]^(+)` है। इसके ध्रुवण सक्रिय रूपों को अग्र प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता हैं -

Recommended Questions
- उपसहसंयोजन यौगिकों की सिस-ट्रान्स समावयवता को एक उदाहरण सहित स्पष्ट की...
Text Solution
|
- 'ऐसिलीकरण' तथा 'ऐसिटिलीकरण का क्या अर्थ है? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए...
Text Solution
|
- अथवा 'कारतूस' पाठ के आधार पर वज़ीर अली की चारित्रिक विशेषताओं का उदाहर...
Text Solution
|
- लगभग 60-70 शब्दों में उत्तर लिखिए हरिहर काका अनपढ़ थे लेकिन अपने अनुभव...
Text Solution
|
- एरोमेटिक यौगिकों का नामकरण |समावयवता
Text Solution
|
- उपसहसंयोजक यौगिकों मे समावयवता
Text Solution
|
- संकुल यौगिकों मे समावयवता
Text Solution
|
- संकुल यौगिकों मे समावयवता
Text Solution
|
- उपसहसंयोजक यौगिकों में समावयवता
Text Solution
|