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Class 12
PHYSICS
यंग के द्विक स्लिट प्रयोग में दो तरंगदैर...

यंग के द्विक स्लिट प्रयोग में दो तरंगदैर्घ्य 6500 Å तथा 5200 Å के प्रकाश पुंजों को प्रयुक्त करके व्यतिकरण फ्रिन्जें बनाई गई हैं। केन्द्रीय उच्चिष्ठ से वह न्यूनतम दूरी क्या है जहाँ पर दोनों तरंगदैर्यों से उत्पन्न दीप्त फ्रिन्जे सम्पाती हैं? स्लिटों के बीच दूरी 2 मिमी है तथा स्लिट व पर्दे के बीच की दूरी 120 सेमी है।

लिखित उत्तर

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माना केन्द्रीय फ्रिन्ज से दूरी पर `lamda_1 = 6500 Å` का `m_1`वाँ उच्चिष्ठ (दीप्त फ्रिन्ज), `lamda_2 = 5200 Å` के `m_2`वें उच्चिष्ठ के सम्पाती हैं, तब
`x= m_1(D lamda_1)/(d ) =m_2(D lamda_2)/(d )`
अथवा `(m_1)/(m_2)=( lamda_2)/(lamda_1)=(5200 Å )/(6500Å )=4/5`
हमें न्यूनतम दूरी के लिए `m_1` तथा `m_2` के न्यूनतम धन पूर्णांक मान लेने होंगे जो कि स्पष्टतया 4 तथा 5 हैं।
इससे स्पष्ट है कि तरंगदैर्घ्य 6500 Å का चौथा दीप्त फ्रिन्ज, तरंगदैर्घ्य 5200 Å के पाँचवें दीप्त फ्रिन्ज के सम्पाती है।
अत: अभीष्ट न्यूनतम दूरी
`x=m_1(D lamda_1)/(/(d)= (D)/(d) (4 xx 6500 Å)`
`=(D )/(d) (5 xx 5200 Å)`
अथवा ` x= (120)/(0.2 ) xx (4 xx 6500 xx 10^(-10))`
`=1.56 xx 10^(-3)`मीटर
= 1.56 मिमी।
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