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Class 12
PHYSICS
एक बर्तन में जल के ऊपर रंगहीन स्वच्छ तेल...

एक बर्तन में जल के ऊपर रंगहीन स्वच्छ तेल की परत फैली है। ऊपर से परत पर श्वेत प्रकाश आपतित होने से परावर्तित प्रकाश हरा दिखाई देता है। इसका क्या कारण है? यदि परावर्तित प्रकाश में 6400 Å तरंगदैर्घ्य का प्रकाश अनुपस्थित हो तो तेल की परत की न्यूनतम मोटाई कितनी होगी?

लिखित उत्तर

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परत को ठीक ऊपर से देखने पर परत के ऊपरी तथा निचले पृष्ठों से परावर्तित प्रकाश में, परत की मोटाई (t) के बराबर पथान्तर होगा। जिस रंग के प्रकाश के लिए यह पथान्तर `(lamda)/(2)` अथवा इसके विषम अपवर्त्य) के बराबर होगा। परावर्तित प्रकाश में विनाशी व्यतिकरण के कारण वह रंग लुप्त हो जाएगा। दी हुई परत की न्यूनतम मोटाई ऐसी है कि पथान्तर लाल रंग के प्रकाश की तरंगदैर्घ्य (6400 Å) का आधा है, अत: श्वेत प्रकाश में से लाल व उसके समीपवर्ती रंगों के लुप्त हो जाने से परावर्तित प्रकाश हरा दिखाई देता है। लाल रंग `( lamda = 6400 Å)` के लिए, `2t = (lamda)/(2)=3200 Å` अत: `t = 1600 Å = 1.6 xx 10^(-7)` मीटर]
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