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Class 11
PHYSICS
(i) कोई बच्चा किसी घूर्णिका (घूर्णी मंच)...

(i) कोई बच्चा किसी घूर्णिका (घूर्णी मंच) पर अपनी दोनों भुजाओं को बाहर की ओर फैलाकर खड़ा है। घूर्णिका को 40 चक्कर/मिनट की कोणीय चाल से घूर्णन कराया जाता है। यदि बच्चा अपने हाथों को वापस सिकोड़कर अपना जड़त्व आघूर्ण अपने आरम्भिक जड़त्व-आघूर्ण का `2/5` गुना कर लेता है तो इस स्थिति में उसकी कोणीय चाल क्या होगी? यह मानिए की घूर्णिका की घूर्णन गति घर्षणरहित है।
(ii) यह दर्शाइए कि बच्चे की घूर्णन की नई गतिज ऊर्जा उसकी आरम्भिक घूर्णन की गतिज ऊर्जा से अधिक है। आप गतिज ऊर्जा में हुई इस वृद्धि की व्याख्या किस प्रकार करेंगे?

लिखित उत्तर

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(i) माना प्रारम्भ में निकाय का जड़त्व आघूर्ण `I_1 = I`
तब हाथों को सिकोड़ने पर जड़त्व-आघूर्ण `I_2=2/5 I`
कोणीय वेग `omega_1 = 40` चक्कर/मिनट, `omega_2` = ?
`:.` निकाय पर कोई बाह्य बल-आघूर्ण कार्य नहीं करता है अतः कोणीय संवेग संरक्षित रहेगा।
अतः `I_2 omega_2 =I_1 omega_1`
अथवा `omega_2=(I_1 omega_1)/(I_2)=(I xx omega_1)/(2/5 I)`
अथवा `omega_2=(5omega_1)/(2)=(5 xx 40)/(2)` = 100 चक्कर/मिनट
अतः घूर्णिका की कोणीय चाल 100 चक्कर/मिनट हो जाएगी।
(ii) निकाय की प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा
`K_1 = 1/2 I_1 omega_1^2`
तथा अन्तिम गतिज ऊर्जा `K_2 = 1/2 I_2 omega_2^2`
`=1/2 xx 2/5 I xx ((5omega_1)/(2))^2`
`= 5/2(1/2 I_1 omega_1^2)`
= 2.5 `K_1`
अर्थात् अन्तिम गतिज ऊर्जा, प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा की 2.5 गुनी है। स्पष्ट है कि अन्तिम गतिज ऊर्जा, प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा से अधिक है।
व्याख्या–बच्चा अपने हाथों को सिकोड़ने में अपनी पेशियों की आन्तरिक ऊर्जा खर्च करके कार्य करता है। निकाय की गतिज ऊर्जा में वृद्धि इसी आन्तरिक ऊर्जा के कारण होती है।
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