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Class 11
PHYSICS
तीन पिण्ड, एक वलय (अर्थात् छल्ला), एक ठो...

तीन पिण्ड, एक वलय (अर्थात् छल्ला), एक ठोस बेलन और एक ठोस गोला, एक नत तल पर बिना फिसले लोटनिक गति करते हैं। वे विरामावस्था से गति शुरू करते हैं। सभी पिण्डों की त्रिज्याएँ बराबर है कौन-सा पिण्ड नत तल के आधार पर अधिक वेग से पहुंचता है ?

लिखित उत्तर

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नत तल के आधार पर पिण्ड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि = पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा में कमी
`1/2 mv^2 + 1/2 l omega^2 = mgh`

परन्तु `I =mk^2`, जहाँ k घूर्णन त्रिज्या है, तथा `omega= v/r`
`:. 1/2 mv^2+1/2 mk^2 (v^2)/(R^2)= mgh`
`1/2 mv^2(1+(k^2)/(R^2))=mgh`
या `v^2=(2gh)/((1+k^2//R^2))`
वलय के लिए `k^2=R^2`
`:. v_("वलय")=sqrt((2gh)/(2))=sqrt(gh)`
ठोस बेलन के लिए `k^2 = R^2//2`
`v_("बेलन")=sqrt((2gh)/(1+1//2))=sqrt((4gh)/(3))`
ठोस गोले के लिए `k^2 = 2R^2//5`
`v_("गोला") =sqrt((2gh)/(1+2//5))=sqrt((10gh)/(7))`
अतः ठोस गोला नत तल के आधार पर सबसे अधिक वेग से पहुँचेगा।
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