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Class 11
PHYSICS
स्वरमापी का तार किसी स्वरित्र द्विभुज के...

स्वरमापी का तार किसी स्वरित्र द्विभुज के साथ अनुनाद करता है। यदि सेतुओं के बीच तार की लम्बाई को दुगुना कर दें तब भी वह उसी स्वरित्र से अनुनाद कर सकता है। क्यों?

लिखित उत्तर

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तार की मूल स्वाभाविक आवृत्ति n, स्वरित्र की आवृत्ति (n) के बराबर है। लम्बाई दुगुनी होने पर तार की मूल आवृत्ति `n//2` रह जाएगी, परन्तु अब इसके पहले अधिस्वरक की आवृत्ति n है जो कि स्वरित्र की आवृत्ति के बराबर है। अतः तार अब भी स्वरित्र के साथ अनुनाद कर सकता है, इस दशा में यह दो खण्डों में कम्पन करेगा।
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