अनुनाद नली में किसी स्वरित्र से अनुनाद की प्रथम लम्बाई से ठीक तिगुनी लम्बाई पर द्वितीय अनुनाद क्यों नहीं होता?
लिखित उत्तर
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अनुनाद नली में प्रस्पन्द (A) नली के ठीक खुले सिरे पर न बनकर थोड़ा-सा बाहर बनता है, अत: अंत्य संशोधन के कारण द्वितीय अनुनाद प्रथम अनुनाद से ठीक तीन गुनी लम्बाई पर नहीं प्राप्त होता।