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Class 14
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए प्र...

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
संस्कृति किसी दो मंजिला मकान की तरह होती है। पहली मंजिल पर एकदम मूलभूत मगर चिरन्तन जीवन-मूल्य होते हैं। इसमें परस्पर सहकार्य, न्याय, सौन्दर्य जैसे मूलभूत तत्व आते हैं। ये मूल्य समय से परे होते हैं। पहली मंजिल पर दूसरी मंजिल का निर्माण किसी समाज की विशिष्ट आवश्यकता के अनुरूप होता है। धार्मिक, ऐतिहासिक परम्परा, आर्थिक लेन-देन, स्त्री-पुरुष सम्बन्ध और परिस्थितिजन्य अन्य मूल्यों का निर्माण में योगदान होता है। यह व्यवस्था मूलतः संरक्षणात्मक होने के कारण तरह-तरह के प्रतीक, परम्परा, रूढ़ि और अन्धविश्वास का सड़ा-सा पिंजरा बनाती है। इससे पहली मंजिल के मूलभूत मूल्यों की उपेक्षा होने लगती है। समाज को भ्रम होने लगता है कि दूसरी मंजिल की मूल व्यवस्था ही अपनी सच्ची संस्कृति है। भ्रम से कई तरह की विकृतियाँ उत्पन्न होती हैं, जो सामाजिक परिवर्तन से संघर्ष करने लगती है। वस्तुत: आज इन्हीं परिस्थितियों को मात देकर नई संस्कृति का निर्माण करना देश के सामने सबसे बड़ा कार्य है। इसमें शिक्षा पद्धति और प्रसार माध्यम महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा से भावी पीढ़ी पर सांस्कृतिक निष्ठा के संस्कार डाले जाते हैं। हमारी शिक्षा इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी है। समाज में विषमता की खाई चौड़ी करने में ही इसका योगदान रहा है। यह अमीरों की दोस्त और गरीबों की दुश्मन हो गई है। एकाध ठीक-ठाक पाठशाला में बच्चे को प्रवेश दिलाने में बीस हजार रुपये तक हफ्ता देना पड़ता है।
संस्कृति को दो मंजिला मकान की तरह क्यों बताया गया है?

A

उसके निर्माण में श्रम और समय दोनों लगते हैं

B

उसके दो अलग-अलग घटक हैं

C

उसका सम्बन्ध उच्च और निम्न वर्ग दोनों से है

D

वह किसी भी राष्ट्र की दो स्थितियों को स्पष्ट करती है

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
C

संस्कृति को दो मंजिला मकान की तरह इसलिए बताया गया है, क्योंकि उसका सम्बन्ध उच्च और निम्न वर्ग दोनों से है।
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