क्रिया के जिस रूप में भाव की प्रधानता होती है और क्रिया का सीधा सम्बन्ध भाव से होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं। यह केवल अकर्मक क्रिया के ही वाक्यों में प्रयुक्त होता है, जैसे - .गर्मियों में रोज नहाया जाता है।. इस वाक्य भाव की प्रधानता होने के कारण यह भाव वाच्य का उदाहरण है।