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CHEMISTRY
अपचयन द्वारा ऑक्साइड अयस्कों की अपेक्षा ...

अपचयन द्वारा ऑक्साइड अयस्कों की अपेक्षा पाइराइट से ताँबे का निष्कर्षण अधिक कठिन क्यों है?

लिखित उत्तर

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`Cu_2S` के निर्माण की मानक मुक्त ऊर्जा `(Delta_fG^@)`, अभिक्रिया के दौरान बनने वाले `CS_2" तथा "H_2S` की मानक मुक्त ऊर्जा की तुलना में अधिक होती है, इसलिए कोक (कार्बन) तथा हाइड्रोजन `Cu_2S` को Cu में अपचयित नहीं कर सकते हैं।
`Cu_2S+H_2rarr2Cudarr+H_2Suarr`
`2Cu_2S+Crarr4Cudarr+CS_2uarr`
दूसरी ओर `Cu_2O" का "Delta_fG^@CO_2` की तुलना में अत्यन्त कम होता है, इसलिए कार्बन सरलता से `Cu_2O` का Cu में अपचयित कर सकता है
`2Cu_2O(s)rarr4Cu(s)+CO_2(g)`
इसी कारण अपचयन द्वारा ऑक्साइड अयस्कों की अपेक्षा पाइराइट से ताँबे का निष्कर्षण अधिक कठिन होता है।
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