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CHEMISTRY
व्याख्या कीजिए मण्डल परिष्करण...

व्याख्या कीजिए
मण्डल परिष्करण

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मण्डल परिष्करण (Zone refining)-यह विधि इस सिद्धान्त पर आधारित है कि अशुद्धियों की विलेयता धातु की ठोस अवस्था की अपेक्षा गलित अवस्था में अधिक होती है। अशुद्ध धातु की छड़ के एक किनारे पर एक वृत्ताकार गतिशील, तापक लगा रहता है (चिन्न)। इसकी सहायता से अशुद्ध धातु को गर्म किया जाता है। उत्कृष्ट गैस वातावरण तापक जैसे ही आगे की ओर बढ़ता है, गलित से शुद्ध धातु क्रिस्टलित हो जाती है तथा अशुद्धियाँ संलग्न गलित मण्डल में चली जाती है। इस क्रिया को कई बार दोहराया जाता है तथा तापक को एक ही गलित मण्डल दिशा में बार-बार चलाते हैं। अशुद्धियाँ छड़ के एक किनारे पर एकत्रित हो प्रेरण कुण्डली तोपक जो एक ही जाती है। इसे काटकर अलग कर लिया जाता है। यह विधि मुख्य रूप से दिशा की ओर बार-बार चलता है। अतिउच्च शुद्धता वाले अर्द्धचालकों जैसे जर्मेनियम, सिलिकन, बोरॉन, गैलियम तथा इण्डियम तथा अन्य अतिशुद्ध धातुओं को प्राप्त करने के लिए बहुत उपयोगी है।
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