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Class 12
CHEMISTRY
जिंक ब्लैण्ड से जिंक के निष्कर्षण में हो...

जिंक ब्लैण्ड से जिंक के निष्कर्षण में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं को लिखिए

लिखित उत्तर

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जिंक ब्लैण्ड से जिंक के निष्कर्षण की दो विधियाँ प्रयोग में लायी जाती हैं-
1. अपचयन विधि-जिंक ब्लैण्ड का सान्द्रणं झाग-प्लवन विधि से करके सान्द्रित अयस्क का भर्जन किया जाता है।
`2ZnS+3O_2overset(1200K)rarr2ZnO+2SO_2uarr`
`ZnS+2O_2oversetDeltararrZnSO_4`
`ZnSO_4underset(1200K)oversetDeltararr2ZnO+SO_2uarr+O_2uarr`
प्राप्त ZnO को कार्बन के साथ 1673 K-1723 K ताप पर गर्म करके इसका जिंक में अपचयन कर लिया जाता है।
`ZnO+CoversetDeltararrZn+COuarr`
प्राप्त ZnO को कार्बन के साथ 1673 K-1723 K ताप पर गर्म करके इसका जिंक में अपचयन कर लिया जाता है।
`ZnO+CoversetDeltararrZn+COuarr`
(2) विद्युत अपघटनी विधि-जिंक. ब्लैण्ड का सान्द्रण झाग-प्लवन विधि से करके सान्द्रित अयस्क का भर्जन किया जाता है। इससे ZnO व `ZnSO_4` के रूप में अयस्क प्राप्त होता है। अयस्क की सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया कराने पर `ZnSO_4` के साथ इस विलयन में Cu, Cd, As, Sb, Mn, Al तथा Fe की अशुद्धियाँ भी सल्फेट के रूप में उपस्थित होती हैं। चूने का पानी मिलाने से Fe, AI, As व Sb की अशुद्धियाँ हाइड्रॉक्साइड के रूप में अवक्षेपित हो जाती है। निस्यन्द में Cu, Cd व Zn शेष रह जाते हैं। Zn-चूर्ण मिलाने पर Cu व Cd अवक्षेपित हो जाते हैं तथा केवल जिंक सल्फेट बिलयन में रह जाता है।
प्राप्त विलयन का विद्युत अपघटन करके शुद्ध जिंक प्राप्त किया जाता है।
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