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Class 12
CHEMISTRY
कॉपर के धातुकर्म में सिलिका की भूमिका बत...

कॉपर के धातुकर्म में सिलिका की भूमिका बताइए।

लिखित उत्तर

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भर्जन के दौरान कॉपर पाइराइट FeO तथा `Cu_2O` के मिश्रण में परिवर्तित हो जाता है।
`underset"कॉपर पाइराइट"(2CuFeS_2)+O_2oversetDeltararrCu_2S+2FeS+SO_2uarr`
`2Cu_2S+3O_2oversetDeltararr2Cu_2O+2SO_2uarr`
`2FeS+3O_2rarr2FeO+2SO_2uarr`
FeO (क्षारीय) को हटाने के लिए प्रगलन के दौरान एक अम्लीय गालक सिलिका `(SiO_2)` मिलाया जाता है। FeO, `SiO_2`, से संयोग करके फेरस सिलिकेट `(FeSiO_3)` धातुमल बनाता है जो गलित अवस्था में प्राप्त मैट पर तैरने लगता है। `FeO+underset"गालक"(SiO_2)rarrunderset"धातुमल"(FeSiO_3)`
अत: कॉपर के निष्कर्षण में सिलिका की भूमिका ऑक्साइड को धातुमल के रूप में हटाने की होती है।
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