सीमेन्स-मार्टिन का खुली-भट्ठी प्रक्रम-इस प्रक्रम में खुले तल की एक उथली भट्ठी का प्रयोग होता है। भट्ठी में सिलिका का अम्लीय अस्तर या (CnO + MgO) का क्षारकीय अस्तर लगा होता है। यह चार्ज में उपस्थित फॉस्फोरस की मात्रा पर निर्भर करता है। इस भट्ठी में पिघला ढलवाँ लोहा, इस्पात की छीलन और हेमेटाइट का मिश्रण प्रोड्यूसर गैस द्वारा गर्म किया जाता है। वायु तथा प्रोड्यूसर गैस को भट्ठी में आने से पूर्व काफी गर्म कर लेते है, जिससे यह भट्ठी में `1600^@C` ताप उत्पन्न कर सके C, Mn, Si तथा P आदि का ऑक्सीकरण हो जाता है। P, Si तथा Mn के ऑक्साइड गलनीय धातुमल बनाते हैं। कार्बन CO के रूप में बाहर निकल जाता है। अशुद्धियाँ पृथक् हो जाने के बाद आवश्यकतानुसार स्पीगेलसन डालकर इस्पात प्राप्त किया जाता है। पिछले इस्पात को साँचों में डालकर ठण्डा करते हैं। इस प्रक्रम से उत्तम इस्पात बहुत अधिक मात्रा में प्राप्त होता है। इस प्रक्रम में अनलिखित अभिक्रियाएँ होती है-
`4P+5O_2rarr2P_2O_5,3CaO+P_2O_5rarrunderset"कैल्सियम फॉस्फेट (धातुमल)"(Ca_3(PO_4)_2)`
`Si+O_2rarrSiO_2," "CaO+SiO_2rarrunderset"कैल्सियम सिलिकेट (धातुमल)"(CaSiO_3)`
`2Mn+O_2rarr2MnO,SiO_2+MnOrarrunderset"मैगनीज सिलिकेट (धातुमल)"(MnSiO_3)`
`3C+Fe_2O_3rarr2Fedarr+3COuarr`
इस्पात का टैम्परीकरण-कठोरीकृत (quenched) इस्पात को `280-300^@C` ताप पर गर्म करके धीरे-धीरे ठण्डा करने के प्रक्रम को टैम्परीकरण या तापायन कहते हैं। इससे कठोर इस्पात की भंगुरता समाप्त हो जाती है। इसका उपयोग ब्लेड, चाकू आदि के निर्माण में किया जाता है।