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CHEMISTRY
अयस्क के भर्जन से क्या अभिप्राय है? उचित...

अयस्क के भर्जन से क्या अभिप्राय है? उचित समीकरण सहित एक उदाहरण दीजिए।

लिखित उत्तर

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निस्तापन-सान्द्रित अयस्क को उसके गलनांक के नीचे ताप तक वायु की अनुपस्थिति में गर्म करके उसमें उपस्थित नमी, `CO_2,SO_2` तथा अन्य वाष्पशील कार्बनिक अपद्रव्य को निष्कासित करने की विधि को निस्तापन कहते है। इस क्रिया से गैसीय पदार्थ अथवा वाष्पशील पदार्थ अलग हो जाते हैं और वह सरन्ध हो जाता है। उदाहरणार्थ-कार्बोनेट अयस्क को गर्म करने पर `CO_2` गैस निकल जाती है और वे सरन्न ऑक्साइड में बदल जाते हैं।
`Al_2O_3"."2H_2OoversetDeltararrAl_2O_3+2H_2Ouarr`
`CaCO_3oversetDeltararrCaO+CO_2uarr`
`ZnCO_3oversetDeltararrZnO+CO_2uarr`
निस्तापन की क्रिया परावर्तनी भट्टी में की जाती है।
भर्जन सान्द्रित अयस्क को अकेले या अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर उस मिश्रण को गलनांक के नीचे ताप पर वायु की अधिक मात्रा की उपस्थिति में गर्म करने की क्रिया को भर्जन कहते हैं। इससे S, As आदि की अशुद्धियाँ वाष्पशील ऑक्साइड के रूप में निकल जाती हैं और अयस्क ऑक्सीकृत होकर धातुऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है। यह विधि सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड के रूप में परिवर्तित करने के लिए उपयोग में लायी जाती है। उदाहरणार्थ-कॉपर के पाइराइट अयस्क को सान्द्रित करके उसका भर्जन करते हैं।
इसमें S, As जैसी अशुद्धियाँ `SO_2,As_2O_3` आदि के रूप में ऑक्सीकृत होकर पृथक् हो जाती हैं।
`S+O_2rarrSO_2uarr`
`4As+3O_2rarr2As_2O_3uarr`
`underset"कॉपर पाइराइट"(2CuFeS_2)+O_2rarrCu_2Sdarr+2FeS+SO_2uarr`
`2FeS+3O_2rarr2FeO+2SO_2uarr`
`2Cu_2S+3O_2rarr2Cu_2O+2SO_2uarr`
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