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Class 12
CHEMISTRY
HNH कोण का मान, HPH, HASH तथा HSbH कोणों...

HNH कोण का मान, HPH, HASH तथा HSbH कोणों की अपेक्षा अधिक क्यों होता है?

लिखित उत्तर

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वर्ग 15 के तत्वों के सभी हाइड्राइडों में केन्द्रीय परमाणु `sp^3`-संकरित होता है। चार `sp^3`- संकरित कक्षकों में से तीन कक्षक तीन E-H`sigma` -बन्ध बनाते हैं, जबकि चौथे कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का एकाकी युग्म होता है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। चूँकि बन्ध यग्म-बन्ध युग्म प्रतिकर्षण से एकाकी युग्म-बन्ध युग्म प्रतिकर्षण अधिक होते हैं, इसलिए NHS में बन्ध कोण `109.28^@` से घटकर `107.8^@` रह जाता है। N से P तक, P से As तक तथा As से Sb तक जाने पर केन्द्रीय परमाणु की विद्युत-ऋणात्मकता घटती है। अत: बन्ध युग्मों के इलेक्ट्रॉन परस्पर केन्द्रीय परमाणु से दूर हो जाते हैं। दूसरे शब्दों में, समीपवर्ती बन्ध युग्मों के मध्य प्रतिकर्षण बल घटता जाता है जिससे बन्ध कोण `NH_3` से `SbH_3` तक घटते जाते हैं। अत: HNH बन्ध कोण सबसे अधिक `(107.8^@)` होता है तथा चित्र उसके पश्चात् HPH `(93.6^@) ` , HAsH (`91.3^@`) तथा HSbH `(91.3^@)` बन्ध कोण होते हैं।
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