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Class 12
CHEMISTRY
हैलोजेन रंगीन क्यों होते हैं?...

हैलोजेन रंगीन क्यों होते हैं?

लिखित उत्तर

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सभी हैलोजेन रंगीन होते हैं। इसका कारण यह है कि इनके अणु दृश्य क्षेत्र (visible spectrum) में प्रकाश अवशोषित कर लेते हैं जिसके फलस्वरूप इनके इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होकर उच्च ऊर्जा स्तरों में चले जाते हैं, जबकि शेष प्रकाश उत्सर्जित हो जाता है। हैलोजेनों का रंग वास्तव में इस उत्सर्जित प्रकाश का रंग होता है। उत्तेजन के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा .परमाणु आकार के अनुसार F से I तक लगातार घटती है अत: उत्सर्जित प्रकाश की ऊर्जा `F_2` से `I_2` तक बढ़ती है। दूसरे शब्दों में, हैलोजेन का रंग `F_2` से `I_2` तक गहरा होता जाता है। उदाहरणार्थ-`F_2` बैंगनी प्रकाश अवशोषित करके हल्का पीला दिखाई देता है, जबकि आयोडीन पीला तथा हरा प्रकाश अवशोषित करके गहरा बैंगनी रंग का प्रतीत होता है। इसी प्रकार हम `Cl_2` के हरे-पीले तथा ब्रोमीन के नारंगी-लाल रंग की व्याख्या कर सकते हैं।
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