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Class 12
CHEMISTRY
क्लोरीन के औद्योगिक निर्माण की विद्युत-अ...

क्लोरीन के औद्योगिक निर्माण की विद्युत-अपघटनी विधि का सचित्र वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

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नेलसन सेल विधि-शुद्ध तथा शुष्क क्लोरीन के निर्माण के लिए विद्युत अपघटनी प्रक्रम प्रयुक्त होता है। नमक के संतृप्त जलीय विलयन (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से सोडियम कैथोड पर प्राप्त होता है, जो भाप से क्रिया करके `H_2` बनाता है। ऐनोड पर क्लोरीन गैस प्राप्त होती है।
ऐनोड पर: `2Cl^(-) to Cl_2 + 2e^-`
कैथोड पर : `2Na^(+) + 2e^(-) to 2Na`
`2Na + 2H_2O to 2NaOH + H_2 uarr`

इस प्रक्रम में नेलसन सेल प्रयुक्त होता है। इसमें इस्पात की एक U आकार वाली सछिद्र नली होती है। इस नली के भीतर ऐस्बेस्टॉस की एक तह होती है। यह नली कैथोड का कार्य करती है। इस नली को इस्पात से बनी एक टंकी में लटका देते हैं। इस नली में NaCl का संतृप्त विलयन भरा जाता है और इस विलयन में कार्बन की एक छड़ लटका देते हैं, जो ऐनोड का कार्य करती है। विद्युत प्रवाहित करने से क्लोरीन ऐनोड पर बनती है, जो बाहर निकल जाती है। सोडियम आयन ऐस्बेस्टॉस के छिद्रों से निकलकर कैथोड पर मुक्त होते हैं। ये जल से क्रिया करके NaOH बनाते हैं, जो टंकी के निचले भाग में एकत्र हो जाता है। क्लोरीन को एकत्र कर लोहे के सिलिण्डरों में अधिक दाब पर द्रवित कर लेते हैं
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