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Class 12
CHEMISTRY
ग्लाइकोसाइडी आबन्ध से आप क्या समझते हैं?...

ग्लाइकोसाइडी आबन्ध से आप क्या समझते हैं?

लिखित उत्तर

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डाइसैकेराइड तनु अम्ल अथवा एन्जाइम की उपस्थिति में जल-अपघटन द्वारा समान अथवा असमान मोनोसैकेराइड्स के दो अणु देते हैं। दोनों मोनोसैकेराइड इकाइयाँ, जल के एक अणु के निष्कासन के उपरान्त बने ऑक्साइड आबन्ध द्वारा जुड़ी रहती हैं। परमाणु के द्वारा दो मोनोसैकेराइड इकाइयों में इस प्रकार के आबन्ध को ग्लाइकोसाइडीआबन्ध (glycosidic linkage) कहते हैं। अन्य शब्दों में, ग्लाइकोसाइडी आबन्ध, डाइसैकेराइडों तथा पॉलिसैकेराइडों में ऑक्सीजन परमाणु के माध्यम से विभिन्न मोनोसैकेराइडों को आबन्धित करता है।
उदाहरणार्थ--सुक्रोस एक सामान्य डाइसैकेराइड है जो जल-अपघटन पर सममोलर मात्रा में D-(+) ग्लूकोस तथा D-(-) फ्रक्टोस देता है।
`underset("सुक्रोस") (C_12 H_22 O_11) + H_2O to underset("D-(+)-ग्लूकोस") (C_6H_12O_6) + underset("D(-)-फ्रक्टोस") (C_6H_12O_6)`
ये दोनों मोनोसैकेराइड इकाइयाँ -ग्लूकोस के C तथा B-फ्रक्टोस के C2 के मध्य ग्लाइकोसाइडी आबन्ध द्वारा जुड़ी रहती हैं। चूँकि ग्लूकोस तथा फ्रक्टोस का अपचायक समूह ग्लाइकोसाइडी आबन्ध निर्माण में प्रयुक्त होता है अतः सुक्रोस एक अनअपचायी शर्करा (non-reducing sugar) है।
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