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Class 12
CHEMISTRY
ऐमीनो अम्लों की उभयधर्मी प्रकृति को आप क...

ऐमीनो अम्लों की उभयधर्मी प्रकृति को आप कैसे समझाएँगे?

लिखित उत्तर

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ऐमीनो अम्ल सामान्यतः रंगहीन क्रिस्टलीय ठोस होते हैं। ये जल में विलेय तथा उच्च गलनांकी ठोस होते हैं जो सामान्य ऐमीनो तथा काबोक्सिलिक अम्लों की भाँति व्यवहार नहीं करते, अपितु लवणों की भाँति गुण दर्शाते हैं। इसका कारण एक ही अणु में अम्लीय (कार्बोक्सिल समूह) तथा क्षारकीय. (ऐमीनो समूह) समूहों की उपस्थिति हैं। जलीय विलयन में कार्बोक्सिल समूह एक प्रोटॉन मुक्त कर सकता है, जबकि ऐमीनो समूह एक प्रोटॉन ग्रहण कर सकता है जिसके फलस्वरूप एक द्विध्रुवीय आयन बनता है जिसे ज्विटर आयन अथवा उभयाविष्ट आयन (amphiprotic ion) कहते हैं। यह उदासीन होता है, परन्तु इसमें धनावेश तथा ऋणावेश दोनों ही उपस्थित होते हैं।

उभयाविष्ट आयनिक रूप में ऐमीनो अम्ल उभयधर्मी प्रकृति दर्शाते हैं तथा वे अम्लों एवं क्षारकों दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं।
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