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CHEMISTRY
न्यूक्लियोसाइड तथा न्यूक्लियोटाइड में क्...

न्यूक्लियोसाइड तथा न्यूक्लियोटाइड में क्या अन्तर होता है?

लिखित उत्तर

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जब पिरिमिडीन (साइटोसीन, थायमीन या यूरेसिल) की 1-स्थिति अथवा प्यूरीन (ग्वानीन या एडीनीन) की 9-स्थिति शर्करा (राइबोस या डिऑक्सीराइबोस) की C-1 से संयोजित होती है (-आबन्धन द्वारा), तब न्यूक्लियोसाइड बनता है। दूसरे शब्दों में किसी क्षारक के शर्करा की 1 स्थिति पर जुड़ने से निर्मित इकाई को न्यूक्लियोसाइड कहते हैं। अत: सामान्य रूप में न्यूक्लियोसाइड को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है-शर्करा-क्षारक। उदाहरणार्थ-निम्नलिखित संरचना (क) न्यूक्लियोसाइड को प्रदर्शित करती है-

न्यूक्लियोसाइड तथा (ख) एक न्यूक्लियोटाइड की संरचना। न्यूक्लियोटाइड में न्यूक्लिक अम्ल के तीनों मुख्य यौगिक अर्थात् एक फॉस्फोरिक अम्ल समूह, एक पेन्टोस शर्करा तथा एक नाइट्रोजनी क्षारक होते हैं। इन्हें पेन्टोस शर्करा के C-OH समूह के फॉस्फोरिक अम्ल द्वारा एस्टरीकरण से प्राप्त किया जाता है। उदाहरणार्थ-उपर्युक्त संरचना (ख) न्यूक्लियोटाइड को प्रदर्शित करती है। इस प्रकार सामान्य रूप में न्यूक्लियोटाइड को निम्नलिखित प्रकार व्यक्त किया जा सकता है-
शर्करा-क्षारक `-O - underset(OH)underset(|)overset(O)overset(||)P - OH`
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