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CHEMISTRY
ग्लूकोस में छह कार्बन परमाणुओं की ऋजु श्...

ग्लूकोस में छह कार्बन परमाणुओं की ऋजु श्रृंखला की उपस्थिति कैसे दर्शाएँगे?

लिखित उत्तर

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ग्लूकोस का संरचना सूत्र निम्न प्रकार है-
`H - underset(OH)underset(|)overset(H)overset(|)C-underset(OH)underset(|)overset(H)overset(|)C" "underset(OH)underset(|)overset(H)overset(|)C-underset(H)underset(|)overset(OH)overset(|)C-CHO`
ग्लूकोस एक पॉलिहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड है जिसके एक अणु में छह कार्बन परमाणु हैं अर्थात् ग्लूकोस एक ऐल्डोहेक्सोस है। ग्लूकोस के अणु में पाँच हाइड्रॉक्सिल समूह (-OH) और एक ऐल्डिहाइड समूह (-CHO) है। ग्लूकोस हाइड्रॉक्सिल समूह, काबोंनिल समूह और ऐल्डिहाइड समूह के गुण प्रदर्शित करता है।
(1) हाइड्रॉक्सिल समूह की अभिक्रिया–(i) ग्लूकोस `CH_3COCl` से अभिक्रिया करने पर ग्लूकोस पेन्टाऐसीटेट बनाता है। इससे सिद्ध होता है कि ग्लूकोस में पाँच –OH समूह उपस्थित हैं।

(ii) ग्लूकोस की `PCI_5` से अभिक्रिया करने पर पेन्टाक्लोरो व्युत्पन्न प्राप्त होता है जिससे सिद्ध होता है कि ग्लूकोस की संरचना में पाँच –OH समूह उपस्थित हैं।

(2) ऐल्डिहाइड समूह की अभिक्रिया (अपचायक अभिक्रिया)-ग्लूकोस में कार्बोनिल समूह ऐल्डिहाइड समूह है क्योंकि ग्लूकोस फेहलिंग विलयन को अपचयित करके `Cu_2O`का लाल अवक्षेप देता है।

(3) कार्बोनिल समूह की अभिक्रिया-ग्लूकोस HCN से क्रिया करके ग्लूकोस सायनोहाइड्रिन बनाता है।

अतः उपर्युक्त गुणों में गुण (1) से स्पष्ट होता है कि यह पॉलिहाइड्रॉक्सी है तथा गुण (2) व (3) से स्पष्ट होता है कि यह ऐल्डिहाइड है, अर्थात् ग्लूकोस पॉलिहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड है।
(4) रजत दर्पण का बनना-ग्लूकोस विलयनं टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित कर रजत दर्पण बनाता है जो ग्लूकोस में विद्यमान -CHO समूह के कारण बनता है।

(5) ग्लूकोस HI तथा लाल फॉस्फोरस के साथ 100°C पर गर्म करने पर n-हेक्सेन देता है। इससे प्रदर्शित होता है कि इसमें छह कार्बन परमाणुओं की सीधी या ऋजु श्रृंखला (straight chain) है।
`underset("ग्लूकोस")(C_6H_12O_6) + 14HI overset("लाल P," 100^@C)to underset("n-हेक्सेन")(CH_3 - (CH_2)_4 - CH_3) + 6H_2O + 7I_2uarr`
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