Home
Class 12
CHEMISTRY
प्रोटीन की तृतीयक संरचना से क्या तात्पर्...

प्रोटीन की तृतीयक संरचना से क्या तात्पर्य है?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला में त्रिविमीय वलन (three dimensional folding) से बनी सघन गोलाकार आकृतियाँ प्रोटीन की तृतीयक संरचना को प्रदर्शित करती हैं। यह संरचना ग्लोबुलर प्रोटीन्स (globular proteins) में पायी जाती है। इसमें द्वितीयक संरचना वाली लहरदार या -कुण्डलिनी शृंखलाओं का पुनः कुण्डलन एवं वलन होता है। ये वलन पॉलिपेप्टाइड शृंखला में दूर-दूर स्थित ऐमीनो अम्ल के R-समूहों (पार्श्व श्रृंखलाओं) के बीच में तथा पास-पास आने और .मुड़ने से बनते हैं। इसके फलस्वरूप ऐमीनो अम्लों के अध्रुवीय जलविरागी (hydrophobic) R-समूह प्रोटीन अणु के अन्दर की ओर छिप जाते हैं तथा जलस्नेही (hydrophilic) ऐमीनो (-NH ) समूह प्रोटीन अणु की सतह पर आ जाते हैं। प्रोटीन के सक्रिय भाग भी सतह पर आ जाते हैं। प्रोटीन अणु के सक्रिय क्षेत्रों को डोमेन (domain) कहते हैं। त्रिविम संरचना वाली पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला के ऐमीनो अम्लों के R-समूहों के मध्य हाइड्रोजन आबन्ध,आयनिक आबन्ध, सहसंयोजक आबन्ध आदि पाए जाते हैं। ये प्रोटीन अणु की संरचना को स्थिरता प्रदान करते हैं।
Promotional Banner