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Class 14
HINDI
क्षमा शोभती उस भूजंग को जिसके पास गरल हो...

क्षमा शोभती उस भूजंग को जिसके पास गरल हो-1
उसको क्या जो दंतहीन विषरहित, विनीत सरल हो-2
तीन दिवस तक पंथ माँगते रघुपति सिन्धु किनारे-3
बैठे पढ़ते रहे छंद अनुनय के प्यारे प्यारे-4
उत्तर में जब एक नाद भी उठा नहीं सागर से-5
उठी अधीर धधक पौरुष की आग राम के शर से-6
सिंधु देह धर त्राहि-त्राहि करता आ गिरा शरण में-7
चरण पूज दासता ग्रहण की बँधा मूढ़ बंधन में -8
सच पूछो तो शर में ही बसती है दीप्ति विनय की-9
संधिवचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की-10
इस काव्यांश की भाषा है

A

माधुर्य गुण युक्त किन्तु अन्त तक पहुँचते-पहुँचते ओजपूर्ण

B

अति सरल

C

कठिन, समझने में दुष्कर

D

विषय-वस्तु के प्रतिकूल/विपरीत

लिखित उत्तर

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